कायमगंज, समृद्धि न्यूज। संत रविदास की जयंती पर विश्व बंधु परिषद द्वारा कृष्णा प्रेस परिसर में संगोष्ठी का आयोजन हुआ। संस्था अध्यक्ष प्रोफे0 रामबाबू मिश्र रत्नेश ने कहा कि संत रविदास न तो तुलसी की तरह समझौता वादी थे और न कबीर की तरह और आक्रामक बल्कि वे वे तो गुरु नानक देव की तरह मानवतावादी धर्म पुरुष थे। कायमगंज के पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष एवं कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सुनील चक ने कहा कि संत रविदास ने पाखंड और आडंबर का खंडन किया और मन की पवित्रता पर जोर दिया। वैदिक धर्म समाज की संत परंपरा में उनका बहुत ऊंचा स्थान है। प्रधानाचार्य शिवकांत शुक्ला, पूर्व प्रधानाचार्य अहिबरन सिंह गौर एवं प्रो0 कुलदीप आर्य ने संयुक्त रूप से कहा कि भारत में सामाजिक समरसता न तो कानून और न राजनीति से बल्कि संतों के माध्यम से ही संभव है। राम सिंह गौतम, रामगोपाल सिंह, वीएस तिवारी, जेपी दुबे आदि ने भी अपने विचार व्यक्त किये। गीतकार पवन बाथम ने मीरा के गुरुदेव को प्रणाम करते हुए कहा जो कुछ तुलसी कह गए जो बोले रविदास। सिर्फ उसी से संभव समरस सहज प्रकाश। कार्यक्रम का शुभारंभ पूजन और संत रविदास की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर किया गया।
