फर्रुखाबाद, समृद्धि न्यूज। दहेज हत्या के मामले में अभियुक्त को ७ वर्ष के कारावास व २५ हजार के जुर्माने से दण्डित किया गया है। जानकारी के अनुसार मोहल्ला नवाब न्यामत खां निवासी राजाराम दीक्षित ने अपने पुत्री शालिनी उर्फ मोना की शादी थाना राजेपुर के ग्राम दहेलिया निवासी रामानन्द पुत्र दिवारी लाल के साथ अपनी सामर्थ के अनुार दान दहेज के साथ की थी, लेकिन दिये गये दान दहेज से पति रामानंद, भाई लल्वी तथा सास खुश नहीं थे और दहेज में चार पहिया गाड़ी की मांग करने लगे। न देने पर उसे मारपीट कर प्रताडि़त करने लगे। हालांकि पिता व अन्य लोगों ने ससुरालीजनों को काफी समझाया बुझाया, लेकिन ससुरालीजन कुछ भी सुनने को तैयार नहीं हुए। दिनांक १६.०७.२०१४ को अज्ञात व्यक्ति ने मुझे फोन पर सूचना दी कि तुम्हारी पुत्री की ससुरालीजनों ने हत्या कर दी है। जिस पर मैं १७.०७.२०१४ को पुत्री की ससुराल पहुंचा, तो पुत्री मृत अवस्था में मिली। दहेज लोभियों ने मेरी पुत्री को फांसी लगाकर मार डाला। पुलिस ने पिता की तहरीर पर रामानन्द के विरुद्ध अ0सं0 १७२/२०१४ धारा ४९८ए, ३०६ आई.पी.सी में मुकदमा दर्ज कर लिया। पुलिस ने न्यायालय में आरोप पत्र प्रेषित किया। साक्ष्य व गवाहों के आधार पर शासकीय अधिवक्ता की पैरवी के आधार पर विशेष न्यायाधीश एस0सी0/एस0टी एक्ट द्वितीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश महेंद्र सिंह चतुर्थ ने आरोपी रामानन्द को धारा ४९८ए में दो वर्ष का कारावास व ५ हजार रुपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया है। अर्थदण्ड अदा न करने पर छह माह के अतिरिक्त कारावा की सजा भुगतनी होगी। वहीं धारा ३०६ आई.पी.सी. में सात वर्ष का कारावास व बीस हजार रुपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया है। अर्थदण्ड अदा न करने पर एक वर्ष के अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी।
दहेज हत्या में अभियुक्त को सात वर्ष का कारावास
