नवाबगंज, समृद्धि न्यूज। सरकार एक ओर जहां जनता को बेहतर चिकित्सीय सुविधायें मुहैया कराने का हर सम्भव प्रयास कर रही है, वहीं दूसरी ओर उसके ही कर्मचारी सरकार की मंशा पर पानी फेरते नजर आ रहे हैं। मंगलवार को सीएचसी में दोपहर तक कोई भी चिकित्सक नहीं पहुंचा। जिससे कई मरीज मायूस होकर अपने-अपने घरों को लौट गये।
जानकारी के अनुसार नवाबगंज स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में मंगलवार को दोपहर 12 बजे तक कोई चिकित्सक नहीं पहुंचा। अस्पताल में एक्सरे कक्ष, इमरजेंसी कक्ष, दंत चिकित्सा कक्ष और ओपीडी कक्ष के दरवाजों पर बाहर से कुंडी लगी थी। अधीक्षक कक्ष का गेट खुला था, लेकिन वहां कोई मौजूद नहीं था। गांव उखरा की रामकली कुत्ते के काटने का रैबीज इंजेक्शन लगवाने के लिए पर्चा बनवाकर बाहर बैठी रहीं। उन्हें सिरिंज मेडिकल स्टोर से खरीदने को कहा गया। आयुष चिकित्सक जसवीर सिंह और एलटी सुनील शुक्ला बाद में अस्पताल पहुंचे। फार्मासिस्ट सर्वेश श्रीवास्तव ने १० बजे औषधि कक्ष खोला। कस्बा निवासी रामकिशोर, अजय कुमार और गांव कोकापुर से आए अंशु कुमार व सुषमा देवी समेत कई मरीज चिकित्सक का इंतजार करते रहे। मजबूरी में मरीजों को झोलाछाप और निजी चिकित्सकों का सहारा लेना पड़ रहा है। इमरजेंसी में डॉक्टर को फोन कर बुलाया जाता है। सीएमओ डॉक्टर अवनींद्र कुमार से संपर्क नहीं हो सका। अधीक्षक डॉक्टर लोकेश शर्मा के अनुसार डॉक्टर गौरव राजपूत की ड्यूटी थी, जो तबीयत खराब होने के कारण देर से पहुंचे। यह आज का मामला नहीं है, अक्सर यहां पर यही हालात देखने को मिलते हैं। जिससे क्षेत्रीय जनता में काफी रोष है।
सीएचसी में दोपहर तक नहीं पहुंचे चिकित्सक, कई मरीज मायूस लौट
