समृद्धि न्यूज। बांग्लादेश की अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना को वहां के अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण (आईसीटी) ने मानवता के खिलाफ अपराध का दोषी ठहराया है। हसीना को इसी के साथ मौत की सजा सुनाई गई है। बांग्लादेश की इंटरनेशनल कोर्ट ने शेख हसीना को सजा-ए-मौत सुना दी है। पिछले साल जुलाई विद्रोह और मानवता के खिलाफ अपराधों के चलते कोर्ट ने यह बड़ा फैसला सुनाया है, शेख हसीना फिलहाल भारत में हैं। इसी के चलते अब बांग्लादेश सरकार इंटरपोल रेड कॉर्नर नोटिस जारी कर सकती है, इसी के बाद इस मामले में भारत की भूमिका बेहद अहम होगी। कुछ जानकारों की माने तो अगर आरोप न्यायिक प्रक्रिया के हित में नहीं हैं तो भी भारत प्रत्यर्पण से इनकार कर सकता है। यही नहीं, अगर आरोप सामाजिक अपराधों से जुड़े हैं और सीधे आपराधिक कानून के दायरे में नहीं आते हैं, तो ऐसे अनुरोधों को ठुकराया जा सकता है। प्रत्यर्पण के बाद शेख हसीना के साथ बांग्लादेश में बुरे बर्ताव की भी आशंका है या उन्हें वहां निष्पक्ष न्याय मिल पाना मुश्किल है, प्रत्यर्पण को इन आधारों पर भी मना किया जा सकता है।
कोर्ट ने हसीना को पिछले साल हुए जुलाई विद्रोह का दोषी माना है, शेख हसीना के खिलाफ जुलाई विद्रोह में निहत्थे नागरिकों पर गोली चलवाने का आरोप है, कोर्ट ने हसीना पर 6 हिस्सों में 453 पेज का फैसला सुनाया है, कोर्ट ने कहा, हसीना के अपराध मनावता के खिलाफ हैं। इस फैसले में कहा गया है कि हसीना जनवरी 2024 के बाद से ही तानाशाह बनने की ओर अग्रसर हो गई थीं, जनवरी 2024 के चुनाव में उन्होंने विपक्ष को कुचला, इसके बाद जब छात्र सडक़ों पर उतरे तो उन पर गोलियां चलवाई गईं, कोर्ट ने हसीना को कई अपराधों का दोषी माना है और यह बड़ा फैसला सुनाया है। वहीं न्यायाधिकरण के फैसले को लेकर अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि मेरे खिलाफ सुनाए गए फैसले एक धांधली वाले न्यायाधिकरण द्वारा दिए गए हैं, जिसकी स्थापना और अध्यक्षता एक अनिर्वाचित सरकार द्वारा की गई है, जिसके पास कोई लोकतांत्रिक जनादेश नहीं है। वे पक्षपातपूर्ण और राजनीति से प्रेरित हैं। शेख हसीना ने कहा कि आईसीटी में कुछ भी अंतरराष्ट्रीय नहीं है, न ही यह किसी भी तरह से निष्पक्ष है। उनका दावा है कि न्यायाधिकरण ने केवल अवामी लीग के सदस्यों पर मुकदमा चलाया है, जबकि कथित तौर पर राजनीतिक विरोधियों द्वारा की गई हिंसा को नजरअंदाज किया है।
अब शेख हसीना को गिरफ्तार करने के लिए सरकार इंटरपोल के जरिए गिरफ्तारी वारंट जारी करेगी। इंटरपोल यानी इंटरनेशनल क्रिमिनल पुलिस ऑर्गनाइजेशन, दुनिया की सबसे बड़ी अंतरराष्ट्रीय पुलिस संस्था है, यह 194 सदस्य देशों की पुलिस को जोडक़र अंतरराष्ट्रीय अपराधों से लडऩे में मदद करती है। इंटरपोल देशों की पुलिस को एक-दूसरे के साथ काम करने में मदद करता है, चाहे उन देशों के बीच औपचारिक राजनयिक संबंध हों या न हों। सरकार शेख हसीना को पकडऩे के लिए इंटरपोल की मदद लेगी और इंटरपोल शेख हसीना के खिलाफ अपना अंतरराष्ट्रीय नोटिस (जैसे रेड नोटिस) जारी करेगा। बांग्लादेश सरकार इंटरपोल को अनुरोध भेजेगी कि शेख हसीना के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस (अंतरराष्ट्रीय गिरफ्तारी वारंट जैसा) जारी किया जाए।
शेख हसीना को हुई सजा-ए-मौत, भारत में बैठीं है
