
फर्रुखाबाद, समृद्धि न्यूज। रामलीला मण्डल द्वारा आयोजित लीला में शनिवार को राम बाग स्थित लीला का मंचन हुआ। जिसमें ताड़का वध के बाद भगवान श्रीराम अपने अनुज लक्ष्मण के साथ जनकपुर पहुंचे। जनकपुर पहुंचकर उन्होंने विश्वा मित्र के साथ नगर के दर्शन किये और वहां पुष्प वाटिका पहुंचकर फूल तोड़े। फूल तोडऩे के दौरान वहां के माली ने उन्हें रोका और कहा कि जानकी की जय बोलो, तभी इस वाटिका में आप प्रवेश कर सकते है। ऋषि विश्वा मित्र के आदेशा के अनुसार उन्होंने जानकी जी की जय बोली और पुष्प वाटिका में प्रवेश किया। पुष्प वाटिका में उन्होंने विभिन्न तरीके बगीचे से फूल तोड़े। उसी दौरान श्रीराम को सीता जी की एक झलक दिखायी दी। दोनों एक दूसरे को कुछ पल के लिए देखते रहे, तभी सीता जी को आभास होने लगा कि ऐसा युवा वर हमें मिले और उन्होंने हाथ जोड़कर अपने ईष्ट देव को याद किया और यह महसूस उन्हें तभी हुआ कि इस तरह का युवा ही उनका वर होगा। मन ही मन में सीता जी उन्हें अपना मानने लगी और कुछ दिनों के बाद सीता के स्वयंवर की तैयारियां शुरु हुई।
