श्री राम ने अपनी लीलाओं के माध्यम से सनातन धर्म की रक्षा की: डा0 शिवओम अम्बर

फर्रुखाबाद, समृद्धि न्यूज। श्री राधा शक्ति श्याम मन्दिर लोहाई रोड़ में तृयीय सोपान अरण्यवन काण्ड श्री रामचरितमानस के गहन चिंतन मनन में श्री राम जी की वन यात्रा जंगलों में अपनी लीलाओं के माध्यम से सनातन धर्म का पतन, असुरी शक्तियों की वृद्धि, पूरा संसार विनाश की ओर ऐसे समय में श्री राम का वन गमन असुरी शक्तियों का आतंकवाद से जनता त्राहि-त्राहि कर उठी शक्तिशाली रावण और उसकी सेना सनातन धर्म एवं मानव मूल्यों को नष्ट करना, सनातन धर्म के कर्मकांड, यज्ञ तप दान नष्ट किया जा रहे थे। ऋषि मुनियों को मार डालना, यज्ञ कर्मों को विध्वंस करना, धरती पर मानवता नष्ट हो रही थी। श्री राम ने अपनी लीलाओं के माध्यम से सनातन धर्म की रक्षा की। अपने भक्तों, साधु-संतों एवं मानव जाति को बचाने का संकल्प लिया। चुनौतियों के साथ जीवन भर संघर्ष किया।
श्रीराम समाज में आदर्श मानव पिता, पुत्र, भ्राता, माता के संबंधों और एक राजा ही नहीं एक आदर्श शत्रु रावण को अपने व्यक्तित्व से प्रभावित किया। वन में जनजाति, मानव, दानव पशु, पक्षी, जीव-जंतु, प्रकृति को प्रभावित किया। श्री राम के ईश्वरी तत्व में विनय, दया, करुणा में मानवता की पराकाष्ठा प्रस्तुत की। शबरी की नवदा भक्त राम के उपदेश में मानव जीवन जीने का संदेश मिलता है। संत ऋषि मुनियों की गाथा, संकीर्तन, मानव जीवन में सनातन धर्म के संदेश मिलते हैं। समाज की मानव संवेदनाओं में सीता हरण की गाथा में सोने का मृग का आकर्षण ही सुख शांति को दूर तक ले जाता है। शबरी की नवादा भक्ति श्री राम के उपदेश इस अरण्य कांड की फल श्रुति मानव जीवन को श्रेष्ठ बनती है जो वर्तमान समय में चिंतन मनन अति आवश्यक है। रावनरि जस पावन गावहि सुनहि जे लोग, राम भगति दृढ पावहि बिनु विराग जप जोगा ॥, भावार्थ जो लोग रावण के शत्रु श्री राम जी का पवित्र यश गान करते हैं और सुनते हैं, वे जप तप वैराग्य के बिना कलयुग में भव सागर से पर हो जाते हैं, कलयुग के समस्त पापों से मुक्ति मिलती है और जीवन में विभिन्न संकटों से मुक्ति पाए जाते हैं।
प्रीति तिवारी, संजय गर्ग, भूपेंद्र प्रताप सिंह, अनिल प्रताप सिंह, अंजुम दुबे, रोहित दीक्षित, रविंद्र भदौरिया, सुरेंद्र सफ्फड़, राजन माहेश्वरी, विजेंद्र श्रीमाली, सुरेंद्र पांडे, जितेंद्र अग्रवाल, हर्षित सिंगतिया, रेनू सिंगतिया, इंदिरा पांडे, गरिमा पांडे आदि लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम का विराम महा आरती एवं प्रसाद वितरण के साथ हुआ। संचालन बृज किशोर सिंह किशोर ने किया।

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