लखीमपुर खीरी: जिले में एक निजी अस्पताल की लापरवाही ने नवजात की जान ले ली। मामला सदर कोतवाली क्षेत्र के महेवागंज कस्बे का है। जहां गोलदार नामक निजी अस्पताल ने कथित तौर पर पैसे न मिलने पर गर्भवती महिला को अस्पताल से बाहर कर दिया। इलाज न मिलने से महिला के गर्भ में पल रहे बच्चे की मौत हो गयी। पिता अपने नवजात बच्चे के शव को थैले में रहकर डीएम कार्यालय पहुंचा। गुहार लगाने लगा की मेरे बच्चे को जिंदा कर दीजिए और साहब दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई कीजिए।
भीरा थाना क्षेत्र के रहने वाले विपिन गुप्ता ने बताया कि गर्भवती पत्नी रूबी को महेवागंज स्थित गोलदार हॉस्पिटल में भर्ती कराया था। जहां डिलीवरी के दौरान पत्नी की तबीयत खराब हो गई, उसे आनन-फानन में दूसरे अस्पताल में भर्ती कराया। ऑपरेशन के दौरान पेट में ही बच्चे की मौत हो गई। उन्होंने आरोप लगाया कि इलाज की जगह दोनों डॉक्टर लगातार पैसे की मांग करते रहे इसलिए बच्चे की जान चली गई।
पिता बच्चे को झोले में लेकर डीएम और एसपी के ऑफिस पहुंच गया। विपिन रोता-बिलखता रहा। बीच-बीच में अपना दर्द समेटकर वह अधिकारियों से बस एक ही बात कहता रहा कि साहब किसी तरह बच्चे को जिंदा कर दो। इसकी मां दूसरे अस्पताल में भर्ती है। उसे बताया है कि बच्चे की हालत ठीक नहीं है, इसलिए दूसरी जगह भर्ती कराया है। आप ही बता दो कि इसकी मां को क्या जवाब दें। पीडि़त की व्यथा सुनकर अधिकारियों का भी दिल पसीज गया। उसने गोलदार हास्पिल पर कार्रवाई की मांग की। झोले में बच्चा के शव को देखकर अधिकरियों में हडक़ंप मच गया। सूचना पर सीएमओ, एसडीएम और कोतवाल फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए। स्वास्थ्य विभाग ने गोलदार हॉस्पिटल में जांच की। सीएमओ ने हॉस्पिटल को सीज कर दिया है।
विपिन ने रोते हुए बताया कि उसने पत्नी की डिलीवरी थी। प्रसव का दर्द उठा तो वह गोलदार हॉस्पिटल लेकर पहुंचा। हॉस्पिटल में आठ हजार रुपए जमा भी करा लिए और कहा कि और पैसों का इंतजाम करो। वह पैसे की व्यवस्था कर रहा था, हॉस्पिटल वालों को इलाज करने के लिए बोला, लेकिन उन लोगों ने इनकार कर दिया। कहा कि पहले पैसा लाओ, कुछ देर बाद जब पत्नी की हालत गंभीर हुई तो दूसरे अस्पताल रेफर कर दिया। तब तक पेट में मासूम की जान जा चुकी थी, अब पत्नी की भी हालत गंभीर है।
डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने दिए जांच के आदेश
वहीं मामले को डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने भी संज्ञान लिया है। उन्होंने एक्स पर पोस्ट कर लिखा, लखीमपुर खीरी के ग्राम नौसर जोगी (भीरा) निवासी विपिन गुप्ता की गर्भवती पत्नी रूबी गुप्ता जी इलाज में लापरवाही किए जाने के प्रकरण की गंभीरता के दृष्टिगत महेवागंज के गोलदार अस्पताल को सील कर दिया गया है, जिससे किसी प्रकार की अप्रिय घटना की पुनरावृत्ति न हो, प्रकरण की जांच के लिए तीन सदस्यों की एक कमेटी गठित करते हुए उक्त प्रकरण में संलिप्त दोषी क्षेत्रीय आशा को नोटिस निर्गत कर स्पष्टीकरण मांगा गया है। हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता प्रदेश के हर नागरिक को उच्च स्तरीय उपचार उपलब्ध कराना है। किसी भी मरीज के इलाज में लापरवाही कतई स्वीकार नहीं की जाएगी। जांच कमेटी की रिपोर्ट आने पर दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। किसी भी दोषी को बक्शा नहीं जाएगा। मेरे द्वारा मुख्य चिकित्सा अधिकारी लखीपुरखीरी को स्वयं की देखरेख में रूबी गुप्ता का नि:शुल्क समुचित उपचार सुनिश्चित कराए जाने के आदेश दिए गए हैं।
