फर्रुखाबाद, समृद्धि न्यूज। स्मार्ट फोन गायब करने के मामले में फतेहगढ़ कोतवाली में मंगलवार रात को तत्कालीन ई-डिस्ट्रिक्ट मैनेजर के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। इस मामले में कलेक्टे्रट के दो कर्मचारियों को हिरासत में लिया गया है। डिजीशक्ति योजना 2021-22 के तहत स्नातक व परास्नातक छात्र-छात्राओं को स्मार्ट फोन व टैबलेट वितरित करने थे। इसके लिए यूपी डेस्को एजेंसी ने 36,950 स्मार्ट फोन व 18,262 टैबलेट उपलब्ध कराए थे। वितरण की जिम्मेदारी जनपद आगरा थाना रोहता के द्वारिका ग्रीन-1 निवासी पूर्व ई-डिस्ट्रिक्ट मैनेजर अभिषेक सिंह चौहान की थी। उनकी सेवा छह नवंबर 2024 को समाप्त हो गई थी। सत्यापन किए जाने पर पता चला कि स्टॉक में 199 दिखाए गए हैं, जबकि मौके पर महज 14 ही हैं। इसकी जानकारी होने पर एडीएम अरुण कुमार सिंह ने अतिरिक्त एसडीएम रविंद्र कुमार से मामले की जांच कराई। इसमें पता चला कि 185 स्मार्ट फोन व 5 टैबलेट गायब हैं। इसके बाद अभिषेक चौहान से जवाब तलब किया गया। पर उन्होंने संतोषजनक जवाब नहीं दिया न ही वह यह बता सके कि आखिर 185 स्मार्ट फोन व पांच टैबलेट कहां गए हैं। जांच रिपोर्ट के आधार पर ई-डिस्ट्रिक्ट मैनेजर आशीष कुमार की तहरीर पर फतेहगढ़ कोतवाली में पूर्व में तैनात रहे ई-डिस्ट्रिक्ट मैनेजर अभिषेक चौहान के खिलाफ गबन का मुकदमा दर्ज कराया गया था। इस मामले में एसपी आरती सिंह ने एसओजी टीम को इसकी जिम्मेदारी सौंप दी थी। पुलिस व स्वाट टीम ने मोहम्मदाबाद क्षेत्र में छापेमारी की। जिसमें ५० स्मार्ट फोन बरामद कर लिये गये। इस मामले में पुलिस ने कलेक्टे्रट के एक कनिष्ठ सहायक जूनियर क्लर्क व संविदाकर्मी को पूछताछ के लिए हिरासत में ले लिया। पूछताछ में संविदा कर्मी ने बताया कि कलेक्टे्रट के कनिष्ठ सहायक ने बिक्री के लिए दिये थे। पुलिस ने मुख्य आरोपी अभिषेक सिंह चौहान की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी शुरु कर दी है। इस मामले में पुलिस ने आरोपी के नेकपुर चौरासी निवासी रिश्तेदार को हिरासत में लिया है।
विद्यार्थियों को बटने आये स्मार्ट फोन को बेंच दिया गया, कलेक्ट्रेट के दो कर्मचारी हिरासत में
