निपुण भारत मिशन को गति देने हेतु शिक्षक संकुल चयन व दायित्वों के पालन पर महानिदेशक का कड़ा निर्देश

हरदोई , समृद्धि न्यूज। शाहाबाद बेसिक शिक्षा विभाग उत्तर प्रदेश ने निपुण भारत मिशन के प्रभावी क्रियान्वयन, गुणवत्तापूर्ण शिक्षण वातावरण के सृजन तथा न्याय पंचायत स्तर पर शैक्षणिक बैठकों को सुचारू रूप से संचालित करने के उद्देश्य से महत्वपूर्ण दिशानिर्देश जारी किए हैं। महानिदेशक,स्कूल शिक्षा विजय किरन आनन्द द्वारा निर्गत पत्र में शासनादेश संख्या 123/68-5-2020 दिनांक 17 मार्च 2020 तथा राज्य परियोजना कार्यालय के पत्रांक 3966/2020-21 दिनांक 7 सितम्बर 2020 में वर्णित प्रावधानों के अनुपालन को अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
पत्र के अनुसार शासनादेश में प्रत्येक न्याय पंचायत में पाँच शिक्षक संकुल के चयन का स्पष्ट प्रावधान है। अतः संबंधित बीईओ को निर्देशित किया गया है कि निर्धारित चयन प्रक्रिया का पालन करते हुए न्याय पंचायतों में रिक्त शिक्षक संकुल की नियुक्तियाँ दो सप्ताह के भीतर पूर्ण कर ली जाएं। इसके साथ ही यह भी कहा गया है कि यदि कोई शिक्षक संकुल निपुण भारत मिशन की गतिविधियों, शैक्षणिक बैठकों अथवा निर्धारित कार्यदायित्वों के निर्वहन में शिथिलता बरत रहा है,तो ऐसे शिक्षक संकुल को तत्काल प्रभाव से कार्यमुक्त कर दिया जाए तथा उसके स्थान पर नए संकुल का चयन किया जाए। हालांकि यह भी स्पष्ट किया गया है कि एक न्याय पंचायत में अधिकतम दो ही नए चयन किए जाएँ।
निर्देशों के अनुसार चयन की अद्यतन जानकारी को 20 जुलाई 2022 तक प्रेरणा पोर्टल पर अपलोड किया जाना अनिवार्य है। इसी क्रम में सभी कार्यरत शिक्षक संकुलों का एक दिवसीय उन्मुखीकरण (ओरिएंटेशन) जुलाई 2022 के अंतिम सप्ताह में बीआरसी स्तर पर खंड शिक्षा अधिकारी की अध्यक्षता में आयोजित किया जाएगा। इस ओरिएंटेशन में शिक्षक संकुल के कार्य,उत्तरदायित्व और निपुण भारत मिशन की रणनीतियों पर विशेष चर्चा होगी।
राज्य परियोजना कार्यालय के पत्रांक 7378/2020 दिनांक 27 नवम्बर 2020 के अनुपालन में शिक्षक संकुलों के मध्य कार्य विभाजन सुनिश्चित करते हुए एक नोडल शिक्षक संकुल नामित किया जाएगा,जो न्याय पंचायत स्तरीय गतिविधियों के संचालन में प्रमुख भूमिका निभाएगा।
निर्देशों में इस बात पर विशेष बल दिया गया है कि शिक्षक संकुल न्याय पंचायत स्तर पर मासिक शैक्षणिक बैठकों का आयोजन करें। बैठक का एजेंडा शिक्षकों की आवश्यकता एवं समस्याओं की वास्तविक पहचान के आधार पर तैयार किया जाए। बैठकें शिक्षण अवधि के उपरान्त ही आयोजित होंगी तथा न्यूनतम समयावधि दो घंटे निर्धारित की गई है। इन बैठकों में विषय विशेषज्ञ की भूमिका निभाते हुए शिक्षक संकुल अकादमिक चुनौतियों के समाधान, प्रभावी शिक्षण विधियों,नवाचारों तथा श्रेष्ठ प्रथाओं पर उपयोगी मार्गदर्शन प्रदान करेंगे। साथ ही शिक्षकों को प्रेरित करने के उद्देश्य से शैक्षणिक वीडियो प्रस्तुत कर उन पर लक्ष्य आधारित चर्चा भी की जाएगी।
महानिदेशक शिक्षा ने यह भी स्पष्ट किया है कि शिक्षक संकुल अपने विद्यालय में रहकर ही अन्य विद्यालयों को ऑनलाइन,दूरभाष, व्हाट्सऐप अथवा संकुल स्तर की बैठकों के माध्यम से सहयोग दें। यदि कोई शिक्षक संकुल विद्यालय समय में अनावश्यक रूप से अन्य विद्यालयों का भ्रमण करता है या बीआरसी/बीएसए कार्यालय जाता है, तो उसके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।
उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया है कि उपर्युक्त सभी बिंदुओं पर समयबद्ध कार्यवाही कर 20 जुलाई 2022 तक राज्य परियोजना कार्यालय को आख्या प्रेषित की जाए। इस आदेश की प्रतिलिपि प्रमुख सचिव बेसिक शिक्षा,जिलाधिकारी,शिक्षा निदेशक (बेसिक),एससीईआरटी निदेशक, मुख्य विकास अधिकारी,डीआईईटी प्राचार्य,मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक,खंड शिक्षा अधिकारी एवं जिला समन्वयक (प्रशिक्षण) सहित सभी संबंधित अधिकारियों को भेजी गई है।

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