समृद्धि न्यूज। सपा नेता स्वामी प्रसाद मौर्य नई पार्टी का गठन करने जा रहे हैं। इसके लिए उन्होंने पार्टी का नाम घोषित कर नया झंडा लांच कर दिया है। सपा से नाराज चल रहे स्वामी प्रसाद मौर्य ने अपनी आगे की रणनीति को लेकर बड़ा बयान दिया है. इस दौरान उन्होंने अखिलेश यादव पर भी जमकर हमला किया.

समाजवादी पार्टी नेता स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा, “22 फरवरी को दिल्ली में कार्यकर्ताओं का समागम होगा और उसी दिन फैसला सुनाया जाएगा…जब संगठन में ही भेदभाव है, एक राष्ट्रीय महासचिव का हर बयान निजी हो जाता है… जब पद में ही भेदभाव है और मैं भेदभाव के खिलाफ ही लड़ाई लड़ता हूं तो ऐसे पद पर रहने का औचित्य क्या है? इसलिए सारे विवरण का उल्लेख करते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष को 13 तारीख को इस्तीफे का पत्र भेजा था, उन्होंने बात करना मुनासिब नहीं समझा इसलिए मैं कदम आगे बढ़ा रहा हूं। अब कार्यकर्ता तय करेंगे कि उन्हें क्या करना है…
समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के बयान पर स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा, “…उनकी सरकार न तो केंद्र में है और न ही प्रदेश में है, कुछ देने की हैसियत में नहीं है. उन्होंने जो भी दिया है वह मैं उन्हें सम्मान के साथ वापस कर दूंगा. मेरे लिए पद नहीं विचार मायने रखता है… मेरे लिए विचार में दलितों, पिछड़ों, आदिवासियों, देशवासियों, ग़रीबों, बेरोज़गारों के हितों पर जब भी कुठाराघात होगा मैं पलटवार करता रहूंगा. पहले भी करता रहा हूं.. आगे भी करता रहूंगा. अखिलेश यादव की कही हुई बात उन्हें मुबारक.” समाजवादी पार्टी में उपेक्षा की बात कहकर राष्ट्रीय महासचिव के पद से इस्तीफा देने वाले स्वामी प्रसाद मौर्य नई पार्टी का गठन करेंगे। इसके लिए उन्होंने नई पार्टी का नाम व झंडा लॉन्च कर दिया है। वह 22 फरवरी को दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में रैली को संबोधित करेंगे। नई पार्टी का नाम राष्ट्रीय शोषित समाज पार्टी होगा। इसके झंडे में नीला, लाल और हरा रंग होगा। हालांकि, इस बीच सपा के वरिष्ठ नेता राम गोविंद चौधरी उन्हें मनाने के लिए उनके घर पहुंच गए हैं।
स्वामी प्रसाद मौर्य ने बीते दिनों सपा में उपेक्षा किए जाने का आरोप लगाते हुए पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव के पद से इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने अखिलेश यादव को लिखे गए अपने पत्र में कहा था कि डॉ. भीमराव आंबेडकर और डॉ. राममनोहर लोहिया समेत सामाजिक न्याय के पक्षधर महापुरुषों ने 85 बनाम 15 का नारा दिया था। लेकिन, समाजवादी पार्टी इस नारे को लगातार निष्प्रभावी कर रही है। वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में भी बड़ी संख्या में प्रत्याशियों का पर्चा व सिंबल दाखिल होने के बाद अचानक प्रत्याशियों को बदला गया। इसके बावजूद वह पार्टी का जनाधार बढ़ाने में सफल रहे। विधानसभा के अंदर पार्टी को 45 से 110 पर पहुंचा दिया। उन्होंने कहा था कि जबसे मैं सपा में शामिल हुआ तब से ही पार्टी का जनाधार बढ़ाने की कोशिश की है। इसी क्रम में मैंने आदिवासियों, दलितों व पिछड़ों को जो जाने-अनजाने भाजपा के मकड़जाल में फंसकर भाजपामय हो गए उनके सम्मान व स्वाभिमान को जगाकर व सावधान कर वापस लाने की कोशिश की। हालांकि, इस्तीफा देने के बाद उन्होंने कहा था कि अब गेंद सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के पाले में है। इसके बाद उन्होंने पार्टी का एलान कर दिया।
