टीबी अब लाइलाज नहीं, लापरवाही खतरनाक : सीएमओ

वघुईया में जागरूकता कार्यक्रम, विश्वविद्यालय ने गांव को लिया गोद

सैफई: राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम के तहत ग्राम पंचायत वघुईया में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का आयोजन उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय, सैफई के रेस्पिरेटरी मेडिसिन विभाग की ओर से प्राथमिक विद्यालय परिसर में किया गया। इस दौरान टीबी के लक्षण, जांच, उपचार और पोषण के महत्व पर विस्तार से जानकारी दी गई।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. बृजेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि टीबी पूरी तरह ठीक होने वाली बीमारी है, लेकिन समय पर जांच और पूरा उपचार आवश्यक है। दो सप्ताह से अधिक खांसी, लगातार बुखार, वजन में कमी या कमजोरी जैसे लक्षण दिखने पर तुरंत जांच करानी चाहिए। उन्होंने बताया कि जनपद में 3380 क्षय रोगियों का उपचार चल रहा है और 469 ग्राम पंचायतों में से 29 ग्राम पंचायतें टीबी मुक्त घोषित होने की पात्र श्रेणी में पहुंच चुकी हैं।
उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय परिसर के निकट स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, सैफई के माध्यम से भी टीबी की जांच और उपचार की सुविधाएं सुलभ हैं। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और विश्वविद्यालय के संयुक्त प्रयास से ग्रामीण क्षेत्रों में स्क्रीनिंग और फॉलोअप व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है। उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय, सैफई के डीन मेडिकल एवं रेस्पिरेटरी मेडिसिन विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ. आदेश कुमार ने कहा कि टीबी के प्रति जागरूकता ही सबसे बड़ा बचाव है। उन्होंने बताया कि शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज करना संक्रमण को बढ़ा सकता है। टीबी का इलाज बीच में छोड़ना मरीज और समाज दोनों के लिए जोखिमपूर्ण है।
उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय की ओर से ग्राम पंचायत वघुईया को टीबी मुक्त बनाने के उद्देश्य से गोद लिया गया है। गांव में नियमित स्वास्थ्य जांच शिविर, संदिग्ध मरीजों की पहचान और पोषण सहयोग सुनिश्चित किया जाएगा। विश्वविद्यालय से जुड़े 158 ‘निक्षय मित्र’ टीबी मरीजों को पोषण सहायता उपलब्ध करा रहे हैं। कार्यक्रम के दौरान 10 मरीजों को पोषण पोटली वितरित की गई।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, सैफई के अधीक्षक डॉ. सुनील कुमार भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि किसी भी लक्षण को छिपाएं नहीं और जांच कराने में संकोच न करें।
ग्राम प्रधान राकेश यादव ने गांववासियों से टीबी के प्रति जागरूक रहने और संदिग्ध लक्षण होने पर तुरंत स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायत स्तर पर भी लोगों को जागरूक किया जाएगा ताकि गांव को शीघ्र टीबी मुक्त बनाया जा सके। कार्यक्रम में विभागीय चिकित्सक, स्वास्थ्यकर्मी और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।

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