मुख्यमंत्री का टीवी के माध्यम से बच्चों ने देखा सजीव प्रसारण
फर्रुखाबाद, समृद्धि न्यूज। लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की उपस्थिति में शिक्षा विभाग के कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। कलेक्ट्रेट सभागार में टीवी के माध्यम से कार्यक्रम का सजीव प्रसारण देखा गया। बच्चों ने बताया कि उन्होंने एक पेड़ मां के नाम लगाया है, वह उसे सिंचित कर रहे हैं। बच्चों में रचनात्मकता का विकास हो रहा है। 5 सितंबर 1888 को डॉ0 सर्वपल्ली राधाकृष्णन ने तमिलनाडु में अपने शिक्षण के 40 वर्ष पूरे किए थे। सरकार की योजना है कि प्रदेश के सभी बच्चे समान प्रकार का सिलेबस पढ़े। संपूर्ण नकलबंदी उत्तर प्रदेश में लागू है, कानून तोडऩे पर नकल माफिया को एक करोड़ का जुर्माना व आजीवन कारावास दिया जाएगा। अब ऐसी मार्कशीट दी जाएगी जो फट नहीं सकती। शिक्षक समाज का प्रकाश स्तंभ है। मुख्यमंत्री द्वारा पुस्तक उद्गम का विमोचन किया गया। मुख्यमंत्री द्वारा उद्गम के डिजिटल संस्करण का भी बटन दबाकर विमोचन किया गया। मुख्यमंत्री ने तीन पुस्तकों का विमोचन किया। 2204 शिक्षकों को टैबलेट प्रदान किए जाएंगे। प्रतीकात्मक रूप से पांच शिक्षकों को कार्यक्रम में टैबलेट दिए गए। एक लघु फिल्म भी दिखाई गई। शिक्षकों को मां सरस्वती की प्रतिमा व प्रशस्ति पत्र व पुरस्कार स्वरूप रुपए 25 हजार प्रदान किए गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी इच्छा है कि सभी 81 शिक्षकों का सम्मान करूं जिन्होंने लीक से हटकर कार्य किया है। कल उत्तर प्रदेश निचले पायदान पर था, आज अग्रणी पंक्ति में खड़ा है। वास्तव में श्रेष्ठ गुरुजनों का सम्मान होना चाहिए। 56 लाख बच्चे माध्यमिक शिक्षा में बैठे, 5000 बाल वाटिकाएं आरंभ हो चुकी हैं इन्हें पोषण मिशन से जोड़ा जाएगा। मुख्यमंत्री ने सभी 9 लाख शिक्षकों को कैशलेस चिकित्सा की व्यवस्था का लाभ देने की घोषणा की। रसोइयों को भी इससे जोड़ा जाएगा। अनुदेशकों का वित्तीय लाभ बढ़ाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चों की पुस्तक बहुत मोटी ना हो, शिक्षक बच्चों को खेल के साथ सिखाएं मध्यान्ह भोजन योजना में बच्चों को मिलेट के व्यंजन खिलाएं। जनपद की शिक्षिका भारती मिश्रा व अन्य शिक्षकों को कलेक्ट्रेट सभागार में सम्मानित किया गया। डीएम ने कहा कि जो दूसरों के बच्चों को अपने बच्चों की भांति समझ कर पढ़ाते हैं उनके संतोष के स्तर को केवल वही जान समझ सकते हैं अन्य कोई नहीं, हमें प्रत्येक दिन अपने माता-पिता व गुरु को नमन करना चाहिए। वर्ष में केवल एक दिन अपर्याप्त है शिक्षक में चंद्रगुप्त बनाने की क्षमता होती है। मुख्यमंत्री की घोषणा के क्रम में जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी ने सभी शिक्षकों को बधाई दी। कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष के प्रतिनिधि, जिला विद्यालय निरीक्षक, बीएसए व बहुसंख्य शिक्षक उपस्थित रहे।
कलेक्टे्रट सभागार में शिक्षक दिवस पर शिक्षकों का हुआ सम्मान
