प्रधानमंत्री सम्बोधित ज्ञापन नगर मजिस्टे्रट को सौंपा
फर्रुखाबाद, समृद्धि न्यूज। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष अवनीश चौहान व जिला मंत्री राजकिशोर शुक्ला के नेतृत्व में बड़ी संख्या में शिक्षकों ने कलेक्टे्रट पहुंचकर टीईटी अनिवार्यता के विरोध में प्रधानमंत्री सम्बोधित ज्ञापन नगर मजिस्टे्रट को सौंपा। दिये गये ज्ञापन में दर्शाया गया कि प्रदेश में २०११ से नियुक्त पूर्व शिक्षकों को सेवा में रहने एवं प्रोन्नति हेतु टीईटी की अनिवार्यता लागू करने का आदेश जारी किया गया है। जिसका हम शिक्षक साथी विरोध करते है। बड़ी संख्या में कलेक्टे्रट पहुंचकर शिक्षकों ने विरोध किया। माध्यमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष लालाराम दुबे व नरेन्द्र सिंह सोलंकी के अलावा शिक्षक नेता सत्येन्द्र सिंह व रजनीश शिवा ने भी धरना प्रदर्शन में भाग लिया और टीईटी अनिवार्यता का विरोध किया। बाल शिक्षा अधिकारी अधिनियम 2009 प्रभावी किया गया है। इस अधिनियम की धारा 23 के अन्तर्गत प्रभाव में आने की तिथि एवं उसके पश्चात नियुक्त शिक्षकों की भर्ती हेतु न्यूनतम अर्हताएं निर्धारित की गई है। सभी शिक्षकों ने एक साथ टीईटी अनिवार्य परीक्षा का विरोध किया और अध्यादेश को वापस लेने की मांग की। उच्चतम न्यायालय को दिये गये निर्णय पर सरकार अपना बीच का रास्ता निकाले और अध्यापक पात्रता परीक्षा आदेश को निरस्त करें। इस आदेश से लाखों शिक्षकों के परिवार संकट में है। दो साल के अंदर परीक्षा नहीं पास की तो नौकरी जाने का भय शिक्षकों में व्याप्त है। ऐसे में सभी शिक्षक चिंतित व आक्रोशित है। इस आंदोलन के माध्यम से मांग की है कि इस आदेश को निरस्त किया जाये। इस मौके पर जिलाध्यक्ष अवनीश चौहान, जिला मंत्री राजकिशोर शुक्ला, प्रदीप पाल, राजेश यादव, अमित मिश्रा, मुन्ना लाल यादव, अजीत यादव, विजय कनौजिया, अमन कुमार, ओम सिंह, गजेन्द्र सिंह, सत्यभामा राठौर, अनुपम मिश्रा, अर्चना सिंह, सत्यम सिंह, गीत प्रीती, जितेन्द्र सिंह, पीयूष कटियार, मधुवाला कटियार, मजहर मोहम्मद खां, इसरार, राजीव वर्मा, मुकेश आदि लोग मौजूद रहे।
टीईटी परीक्षा अनिवार्यता का शिक्षकों ने किया विरोध
