मारपीट व घर में आग लगाने के मामले में अभियुक्त को दस वर्ष का कारावास

फर्रुखाबाद, समृद्धि न्यूज। रंजिशन घर में घुसकर मारपीट करने व छप्पर में आग लगाने तथा जानमाल की धमकी देने के मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश मेराज अहमद ने अभियुक्त सुधीर को दोषी करार देते हुए 10  वर्ष के साधारण कारावास की सजा से दंडित किया।
नीरज पाठक निवासी सिविल लाइन मडैया कोतवाली फतेहगढ़ ने दर्ज कराये मुकदमे में दर्शाया था कि सुधीर व गांव वालों में कुछ कहासुनी हो गयी थी। बगल में मेरी चक्की लगी हुई है। जिससे सुधीर रंजिश मानने लगा। 27  जून 2007  को दोपहर 12 बजे नाजायज असलाहों से लैस होकर सुधीर, गुड्डू, उमेश, लालाराम, सतीश, आत्माराम घर में घुस आये और गाली-गलौज करते हुए बाइक तोड़ डाली। उपरोक्त सभी लोगों ने मेरे परिजनों पर हमला कर दिया, लाठी-डंडों से मारपीट कर घायल कर दिया तथा मेरे छप्पर में आग लगा दी। आरोपियों ने जान से मारने की नियत से फायर कर दिया, जो मिस हो गया। आसपास के लोगों को आता देख आरोपीगण जानमाल की धमकी देकर भाग गये। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल कर दिया। बचव पक्ष व शासकीय अधिवक्ता की कुशल पैरवी के आधार पर अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश मेराज अहमद ने अभियुक्त सुधीर को दोषी करार देते हुए धारा 323  के आरोप में 6  माह का साधारण कारावास व 500 रुपये के अर्थदंड की सजा से दंडित किया। धारा 504 के आरोप में एक वर्ष के साधारण कारावास की सजा सुनाई। धारा 506  के आरोप में एक वर्ष के साधारण कारावास की सजा, धारा 452 के आरोप में तीन वर्ष के साधारण कारावास की सजा, धारा 427 के आरोप में एक वर्ष का साधारण कारावास, धारा 436  के आरोप में 10 वर्ष के साधारण कारावास व पांच हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड अदा न करने पर एक माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा। अभियुक्त द्वारा जेल में बितायी गई अवधि को सजा में समायोजित की जायेगी।

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