फर्रुखाबाद, समृद्धि न्यूज। गैर इरादतन हत्या के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश दीपेन्द्र कुमार सिंह ने अभियुक्त मोनू कुमार जाटव को दाषी करार देते हुए दस वर्ष का कारावास व बीस हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया।
वर्ष 2019 में जनपद हरदोई के हरपालपुर अजुनपुर निवासी पूजा पत्नी बबलू ने कोतवाली फतेहगढ़ में दी तहरीर में दर्शाया था कि मैं एक माह पहले मोनू पुत्र खुशीराम निवासी खुशीराम निवासी गोरा कब्रिस्तान शीशमबाग के साथ अपनी पुत्र एक वर्ष छह माह के साथ रहने के लिए आयी थी। 27 फरवरी 2019 को मैं अपनी बेटी को को लेकर खाना बनाने जा रही थी, तो मोनू ने मेरी बेटी शिवानी को मेरी गोद से छीनकर यह कहते हुए कि में किसी दूसरे की लडक़ी को अपने साथ नहीं रखूंगा और काफी बेदर्द तरीके से मारा, उस समय रात के 9 थे 10 बजे रहे थे। मोनू के मारने पीटने से मेरी बेटी शिवानी की मृत्यु हो गई हैं। मौसम खराब था और पड़ोस में रहने वाले कही गये थे इसके कारण मैंने किसी को सूचना नहीं दी। सुबह मैंने पड़ोस के रहने वाले आमीर पुत्र मधून जो कब्रिस्तान में जा रहा था उसको सूचना दी तो अमीर मेरी लडक़ी को देखते हुए बताया कि इसकी सांस नहीं चल रही है यह मर चुकी है। पुलिस ने आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल कर दिया। बचाव पक्ष व शासकीय अधिवक्ता की कुशल पैरवी के आधार पर अपर सत्र न्यायाधीश दीपेन्द्र कुमार सिंह ने अभियुक्त मोनू कुमार जाटव को दाषी करार देते हुए धारा 304 के आरोप में दस वर्ष का कारावास व बीस हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया।
गैर इरादतन हत्या के मामले में अभियुक्त को दस वर्ष का कारावास
