
समृद्धि न्यूज़ लखनऊ।प्रदेश की राज्यपाल व कुलाधिपति श्रीमती आनंदी बेन पटेल की अध्यक्षता में शुक्रवार को हरकोर्ट बटलर प्राविधिक विश्वविद्यालय कानपुर का 5वाँ दीक्षान्त समारोह सम्पन्न हो गया।दीक्षान्त समारोह में स्नातक के 556, परास्नातक के 146 तथा शोध के 11 विद्यार्थियों को उपाधि प्रदान की। स्नातक में 122 छात्राओं तथा 434 छात्रों ने, परास्नातक में 51 छात्राओं तथा 96 छात्रों ने, शोध में 06 छात्राओं और 05 छात्रों ने उपाधि प्राप्त की।राज्यपाल ने समारोह में मेधावी विद्यार्थियों को 47 पदक वितरित किए। जिसमें 17 स्वर्ण, 15 रजत तथा 15 कांस्य पदक वितरित किये गए।स्वर्ण पदक प्राप्त करने वालों में 06 छात्राएं और 11 छात्र,रजत पदक प्राप्त करने वालों में 07 छात्राएं और 08 छात्र,कांस्य पदक प्राप्त करने वालों में 03 छात्राएं और 12 मेधावी छात्र शामिल रहे।शोध में कंप्यूटर साइंस इंजीनियर-01, पेंट टेक्नोलॉजी-01,केमिकल इंजीनियर-01,रसायन विभाग-02,आयल टेक्नोलॉजी-01,सिविल इंजीनियर-01,फूड टेक्नोलॉजी-01, गणित विभाग -01,मानविकी विभाग -01,बायो केमिकल इंजीनियर -01,कुल 11 विद्यार्थियों ने पी.एच.डी. की उपाधि हासिल की।राज्यपाल ने दीक्षान्त समारोह में प्रदान की गईं सभी उपाधियों को लैपटॉप पर बटन दबाकर नेशनल एकेडमिक डिपॉजिटरी पोर्टल पर अपलोड करने की प्रक्रिया संपन्न की। राज्यपाल श्रीमती पटेल ने दीक्षान्त समारोह में प्राथमिक विद्यालय से आए बच्चों को पठन पाठन एवं पोषण सामग्री प्रदान की।इस अवसर पर समारोह को सम्बोधित करते हुए राज्यपाल श्रीमती पटेल ने उपाधि प्राप्त करने वाले सभी छात्र छात्राओं को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।उन्होंने कहा कि आज की दुनिया में टेक्नोलॉजी तथा इनोवेशन की प्रमुख भूमिका है। इस विश्वविद्यालय ने बड़े पैमाने पर तकनीकी को अपनाया गया है और इसमें इनोवेशन को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।उन्होंने शिक्षा को केवल किताबी ज्ञान तक सीमित न रखकर युवाओं को अपना तकनीकी विकास करके दक्षता हासिल करने को कहा। उन्होंने विद्यार्थियों को भारतीय परिवेश की विविधताओं को समझने और उसी के अनुसार सिस्टम और एप्लीकेशन डिजाइन करने के लिए प्रेरित किया।उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की स्किल इंडिया,मेक इन इंडिया, डिजिटल इंडिया जैसी योजनाएं छात्र-छात्राओं को कुशल बनाने और आवश्यक दक्षता के साथ युवा कार्यबल तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने विद्यार्थियों की युवा क्षमता की सामर्थ्य पर विशेष जोर देते हुए देश और समाज की प्रगति में योगदान देने के लिए कहा।
राज्यपाल ने इस अवसर पर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए उच्च शिक्षण संस्थानों की राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय रैंकिंग पर भी जोर दिया।उन्होंने कहा कि नैक मूल्यांकन और एन.आई.आर.एफ. रैंकिंग की तैयारी के लिए जिन मानकों को निर्धारित किया गया है वे संस्थान की गुणवत्ता निर्धारित करते हैं। इसी क्रम में उन्होंने के.जी टू पी.जी शिक्षा पर भी चर्चा करते हुए कहा कि शिक्षा में व्यापक सुधार के लिए प्राथमिक विद्यालय की शिक्षा में सुधार लाना होगा। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 में प्राथमिक विद्यालय से लेकर उच्च शिक्षा तक शिक्षा की व्यापक व्यवस्था की गई है।समारोह में मुख्य अतिथि आई.आई.टी. रूड़की के निदेशक,प्रो0 के.के. पंत ने अपने अनुभवों को विद्यार्थियों से साझा करते हुए उनको भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी।कुलपति प्रो0 समशेर ने समारोह में राज्यपाल के समक्ष विश्वविद्यालय की प्रगति आख्या प्रस्तुत की।इस अवसर पर समारोह में स्थानीय अतिथिगण,जनप्रतिनिधि,कार्य परिषद एवं विद्या परिषद के सदस्य,अधिकारी,शिक्षक तथा विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राएँ उपस्थित थे।
