उत्तर प्रदेश की योगी सरकार का 9वां बजट गुरुवार को पेश किया गया। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने आठ लाख, आठ हजार 736 करोड़ का बजट पेश किया। वित्त मंत्री ने विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2025-2026 के लिए बजट में कई बड़े एलान किए हैं। यूपी सरकार ने इस बजट में युवाओं को लुभाने के लिए कई घोषणाएं की हैं।
उत्तर प्रदेश के लिए आज गुरुवार का दिन ऐतिहासिक है. वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने साल 2025-26 के लिए राज्य का बजट पेश किया. यह योगी सरकार का नौवां बजट है और यह 8 लाख करोड़ का बजट है. वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बजट पेश करने से पहले कहा, अधूरी ख्वाहिशें जीने का मजा देती है, सब मांगें पूरी हो जाएंगी तो तमन्ना किसकी करोगे. सरकार ने बजट में 4 नए एक्सप्रेस-वे, AI सिटी, छात्राओं को स्कूटी, आर्टिफिशियल इन्टेलिजेन्स सिटी की स्थापना करना, हर जिले में श्रमिक अड्डे बनाने का बड़ा ऐलान किया है. इसी के साथ एयरपोर्ट का भी विस्तार करने की घोषणा की गई है. वाराणसी, अलीगढ़ और श्रावस्ती एयरपोर्ट का विस्तार होगा. गोरखपुर एयरपोर्ट पर नए टर्मिनल भवन का विकास होगा.युवाओं को नौकरियों के साथ स्टार्टअप और उद्योग के लिए ब्याजमुक्त लोन देने का प्रवाधान किया गया है। साथ ही छात्राओं को स्कूटी देने का प्रावधान किया गया है। साथ ही प्रदेश में यातायात को सुगम करने के लिए चार नए एक्सप्रेसवे का निर्माण कराया जाएगा। इसके अलावा राजकीय एवं निजी क्षेत्र के मेडिकल कालेजों/चिकित्सा संस्थानों/ विश्वविद्यालयों स्थापित करने के लिए भी बजट में व्यवस्था की गई है।
वित्त मंत्री ने क्या-क्या घोषणा की
- इस साल परम पावन तीर्थनगरी प्रयागराज में महाकुंभ-2025 का भव्य आयोजन हो रहा है. हम सभी जानते हैं कि महाकुंभ 144 वर्षों में आता है.
- महाकुंभ में देश-विदेश से आये लगभग 53 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने प्रतिभाग किया.
- हमारे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और हमारे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कुशल नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने पिछले लगभग आठ वर्षों में प्रत्येक क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति की है.
- हमने स्वास्थ्य सुविधाओं का तेजी से विकास किया है. प्रत्येक क्षेत्र में आधुनिक तकनीक के प्रयोग और नवाचार को विशेष रूप से बढ़ावा दिया गया है.
- माननीय मुख्यमंत्री ने प्रदेश की अर्थव्यवस्था को वन ट्रिलियन डॉलर बनाए जाने का लक्ष्य रखा गया है.
- इस के चलते राज्य सरकार ने 10 सेक्टर यथा-कृषि एवं संवर्गीय सेवाएं, अवस्थापना, उद्योग, आई०टी० एवं इलेक्ट्रॉनिक्स, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, शिक्षा, पर्यटन, नगर विकास, वित्तीय सेवायें, ऊर्जा, पूंजी निवेश समेत सेक्टरवार प्लान तैयार किया है.
- सुचारू नीति कार्यान्वयन, व्यापार को आसान बनाने, ईज ऑफ यूइंग बिजनेस और निवेश आकर्षित करने के लिये सत्त विकास के कार्य के लिए काम किया गया है.
- हाल के वर्षों में उत्तर प्रदेश में निवेश आकर्षण, औद्योगिक एवं अवस्थापना विकास में उल्लेखनीय प्रगति हुई है और प्रदेश भारत में सबसे पसंदीदा निवेश गंतव्य के रूप में उभरा है.
- विश्व स्तरीय इन्फ्रास्ट्रक्चर विकसित करने में उत्तर प्रदेश ने उल्लेखनीय प्रगति की है.
- राज्य में विकसित हो रही वायु, जल, सड़क एवं रेल नेटवर्क की कनेक्टिविटी से राज्य के उद्योगों एवं मैन्युफैक्चरिंग इकाईयों को अपना माल भारत एवं विदेशों के बाजारों में भेजने के लिये परिवहन के विभिन्न साधनों के बीच निर्बाध रूप से स्विच करने की सुविधा प्रदान करेगा.
- कानून व्यवस्था तथा विद्युत आपूर्ति में अभूतपूर्व सुधार, सक्रिय नीतिगत निरूपण एवं इन्वेस्ट यू०पी० में निवेश सारथी, निवेश मित्र और ऑनलाइन प्रोत्साहन लाभ प्रबंधन प्रणाली जैसी डिजिटल सुविधाओं से निवेश प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित हुई है, जिससे निवेशकों का विश्वास बढ़ा है तथा राज्य में व्यापार करने के लिये अनुकूल वातावरण बना है.
प्रति व्यक्ति आय में हुई बढ़ोतरी
- वित्त मंत्री ने बताया, नीति आयोग, भारत सरकार द्वारा वित्तीय वर्ष 2014-2015 से 2022-2023 तक की अवधि के लिये राज्यों की राजकोषीय स्थिति के संबंध में रिपोर्ट प्रकाशित की गयी है, जिसमें उत्तर प्रदेश को अग्रणी (फंट रनर) राज्य की श्रेणी में रखा गया है.
- समेकित “फिस्कल हेल्थ इन्डेक्स” जो वर्ष 2014 से 2019 की अवधि में 37.0 था, 2022-2023 में बढ़कर 45.9 हो गया है.
- रिपोर्ट के अनुसार व्यय की गुणवत्ता में व्यापक सुधार हुआ है. वर्ष 2018 से 2023 की अवधि में पूंजीगत व्यय, कुल व्यय के 14.8 प्रतिशत से 19.3 प्रतिशत के मध्य रहा.
- प्रदेश का राजकोषीय घाटा निर्धारित सीमा के अधीन रहा है.
- वर्ष 2017-2018 में जब प्रदेश वासियों की सेवा का अवसर हमें प्राप्त हुआ तो प्रदेश की अर्थव्यवस्था पूरी तरह बदहाल थी तथा जी.एस.डी.पी. मात्र 12.89 लाख करोड़ रुपये के स्तर पर था. हमारी सरकार के कार्यकाल में हमने प्रदेश की अर्थव्यवस्था को दो गुना कर दिया है.वर्ष 2024-2025 में प्रदेश की जी.एस.डी.पी. 27.51 लाख करोड़ रहने का अनुमान है.
- वित्तीय वर्ष 2016-2017 में प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय मात्र 52,671 रुपये थी. मात्र तीन साल में प्रति व्यक्ति आय 2019-2020 में बढ़कर 65,660 रुपये के स्तर पर पहुंच गई है.
- कोविड महामारी के कारण पूरे विश्व की अर्थव्यवस्था को झटका लगा। इसके बाद मात्र तीन वर्ष में 14.9 प्रतिशत अप्रत्याशित वार्षिक वृद्धि दर प्राप्त करते हुए हम प्रति व्यक्ति आय को वर्ष 2023-2024 में 93,514 रुपये के स्तर पर ले आए हैं.
92.919 पदों पर भर्ती की प्रक्रिया जारी
- वर्ष 2017 से दिसम्बर 2024 तक आरक्षी एवं समकक्ष, उप निरीक्षक एवं समकक्ष तथा लिपिक संवर्ग आदि के विभिन्न पदों पर कुल 1,56,206 भर्तियां की गई।
- वर्तमान में अराजपत्रित श्रेणी के विभिन्न पदों पर सीधी भर्ती के 92.919 पदों पर भर्ती हेतु कार्यवाही प्रचलित है।
- लगभग 96 लाख एमएसएमई इकाईयों की संख्या तथा 1.65 करोड़ लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने के दृष्टिकोण से उत्तर प्रदेश देश के सभी राज्यों में अग्रणी है।
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8 लाख करोड़ का बजट
- बजट का आकार 08 लाख 08 हजार 736 करोड़ 06 लाख रुपये है जो वर्ष 2024-2025 के बजट से 9.8 प्रतिशत अधिक है. बजट में पूंजीगत परिव्यय कुल बजट का लगभग 20.5 प्रतिशत है.
- इस बजट में अवस्थापना विकास के लिए 22 प्रतिशत, शिक्षा के लिए 13 प्रतिशत, कृषि और सम्बद्ध सेवाओं के लिए 11 प्रतिशत, स्वास्थ्य के क्षेत्र में 6 प्रतिशत, सामाजिक सुरक्षा कार्यक्रमों के लिए 4 प्रतिशत एवं संसाधन आवंटित किए गए हैं.
- प्रदेश को आर्टिफिशियल इन्टेलिजेन्स के क्षेत्र में एक हब के रूप में विकसित करने के लिए “आर्टिफिशियल इन्टेलिजेन्स सिटी” की स्थापना और साईबर सिक्योरिटी में टेक्नोलॉजी रिसर्च ट्रान्सलेशन पार्क की स्थापना की नई योजना बजट में सम्मिलित की गई है.
- प्रदेश के प्राथमिक एवं उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों में आई०सी०टी०लैब और स्मार्ट क्लासेज की स्थापना पर काम किया जा रहा है.
- राजकीय पॉलीटेक्निकों में स्मार्ट क्लासेज और पूर्णतया डिजिटल लाईब्रेरी की स्थापना की योजना प्रस्तावित की गई है. आर्टिफिशियल इन्टेलिजेन्स को बढ़ावा देने के लिए सेन्टर ऑफ एक्सीलेन्स की स्थापना प्रस्तावित की गई है.
- नगर निगमों के अलावा प्रदेश के जनपद मुख्यालय के 58 नगर निकायों को आदर्श स्मार्ट नगर निकाय के रूप में विकसित किये जाने के लिए विभिन्न योजनाओं के कनवर्जेन्स के माध्यम से कार्य कराया जाएगा. इस के लिए प्रति नगर निकाय के लिये 2.50 करोड़ रुपये इस प्रकार कुल 145 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है.
- मैं इस सम्मानित सदन को बताना चाहूंगा कि उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड द्वारा प्रदेश के जिला मुख्यालयों में कामगार/श्रमिक अड्डे बनवाने की योजना पर कार्य किया जायेगा जिसमें कैन्टीन, पीने के पानी, स्नानागार और शौचालय की व्यवस्था करायी जायेगी.
- गांधी जयन्ती के अवसर पर 02 अक्टूबर, 2024 से ‘जीरो पॉवर्टी अभियान’ शुरू किया गया है. इस अभियान के तहत प्रत्येक ग्राम पंचायत से निर्धनतम परिवारों को चिन्हित करते हुए उनकी मूलभूत जरूरतों को पूरा करने के और उनकी वार्षिक आय कम से कम 1,25,000 रुपये के स्तर तक लाए जाने के लिए कार्यवाही की जा रही है.
महिला एवं बाल विकास
- उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के अन्तर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में 96 लाख से अधिक परिवारों की महिलाओं को आच्छादित किया गया है.लखपति महिला योजना के तहत 31 लाख से अधिक दीदियों का चिन्हींकन किया गया है और 02 लाख से अधिक महिलाएं लखपति की श्रेणी में आ चुकी हैं.
- प्रधानमंत्री उज्जवला योजना के तहत अब तक लगभग 1.86 करोड़ लाभार्थियों को गैस कनेक्शन वितरित किये जा चुके हैं.
- उच्च शिक्षा प्राप्त कर रही मेधावी को पात्रता के आधार पर स्कूटी प्रदान किये की नई योजना लाई जा रही है.
- स्वामी विवेकानन्द युवा सशक्तिकरण योजना के अन्तर्गत 49.86 लाख स्मार्ट फोन/टैबलेट वितरित किये जा चुके हैं। वित्तीय वर्ष 2025-2026 में इस योजना के तहत टैबलेट उपलबध कराये जायेंगे.
- पी०आर०डी० स्वयं सेवकों के मानदेय में वृद्धि प्रस्तावित है तथा स्वयं सेवकों को लगभग 20 लाख अतिरिक्त रोजगार दिवस उपलब्ध कराये जाने की व्यवस्था की जा रही है.
- मातृत्व शिशु एवं बालिका मदद योजना के अन्तर्गत माह सितम्बर, 2024 तक 6,22.974 लाभार्थी हैं.
- वर्तमान में प्रदेश में बैंकों की 20,416 शाखायें, 4,00,932 बैंक मित्र एवं बी०सी०सखी तथा 18,747 ए०टी०एम० सहित कुल 4,40,095 बैंकिंग केन्द्रों के माध्यम से बैंकिग सुविधायें उपलब्ध करायी जा रही है.
- प्रधानमंत्री जनधन योजना के अन्तर्गत प्रदेश 9.57 करोड़ खातों के साथ देश में प्रथम स्थान पर है.
