थानाध्यक्ष के खिलाफ प्रकीर्ण वाद दर्ज कर नोटिस भेजने के दिये आदेश

फर्रुखाबाद, समृद्धि न्यूज। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम ज्ञानेंद्र कुमार ने थाना मोहम्मदाबाद में दर्ज मु0अ0सं0 226/2016 के मामले में न्यायालय द्वारा पूर्व में प्रकरण के संबंध में कई बार संबंधित थानाध्यक्ष मोहम्मदाबाद से आख्या आहूत की गयी तथा नोटिस भी निर्गत किया गया। पत्रावली पर उपलब्ध संबंधित थाने की आख्या से केवल यह स्पष्ट होता है कि दिनांक 06 जून 2017 को अभियुक्तगण बृजेश और सुधाकर के विरुद्ध आरोप पत्र संख्या 23ए/2017 किता किया गया था। न्यायालय द्वारा उपरोक्त थानाध्यक्ष मोहम्मदाबाद को दिनांक 20 दिसंबर 2023 को नोटिस जारी करते हुए पुन: स्पष्ट आख्या आहूत की गयी। पत्रावली पर उपलब्ध थाने की आख्या दिनांकित 10 जनवरी 2024 के अवलोकन से स्पष्ट होता है कि धारा 307 आई.पी.सी. थाना मोहम्मदाबाद के संबंध रजिस्टर नंबर 4 के अवलोकन से यह पाया गया कि मुकदमे की विवेचना उप निरीक्षक ललित कुमार द्वारा प्रारम्भ की गयी। जिसमें आरोप पत्र 23/2017 दिनांक 02 फरवरी 2017 को किता किया गया। मुकदमे की विवचेना तत्कालीन उप निरीक्षक जितेंद्र सिंह यादव द्वारा की गयी थी। जिनके द्वारा आरोप पत्र संख्या-23/2017 दिनांक 03 जून 2017 को अभियुक्तगण बृजेश और सुधाकर के विरुद्ध किता किया गया। थाने की आख्या के अवलोकन से यह स्पष्ट होता है कि क्षेत्राधिकारी मोहम्मदाबाद की जेड रजिस्टर की जानकारी से आरोप पत्र के संबंध में कोई विवरण उपलब्ध नहीं हुआ। प्रकरण सत्र न्यायालय द्वारा विचारणीय अपराध से संबंधित है। किन्तु संबंधित थाने द्वारा आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल करने के संबंध में कोई सम्यक कार्यवाही हीं की जा रही है। जो न्यायालय कार्य के प्रतित उदासीनता को दर्शाता है। न्यायालय उपरोक्त प्रकरण में पुलिस अधीक्षक से लिखित आख्या मांगता है। जिससे दोषी अधिकारियों/कर्मचारियों के विरुद्ध सम्यक रुप से कार्यवाही की जा सके। उपरोक्त आदेश की एक प्रति पुलिस अधीक्षक को इस निर्देश के साथ प्रेषित की जाये कि वह दोषी उप निरीक्षक/क्षेत्राधिकारी से लिखित स्पष्टीकरण प्राप्त करने के पश्चात अपनी आख्या के साथ न्यायालय को दिनांक ८ फरवरी २०२४ तक अवगत करायें। प्रकीर्णवाद वास्ते सुनवाई नियत दिनांक को पेश हों। प्रकीर्णवाद के संबंध में न्यायालय द्वारा थानाध्यक्ष मोहम्मदाबाद को नोटिस निर्गत करते हुए लिखित स्पष्टीकरण मांगा गया था, लेकिन उनके द्वारा लिखित स्पष्टीकरण प्रस्तुत नहीं किया गया और उप निरीक्षक अजय सिंह द्वारा प्रस्तुत की गयी आख्या को न्यायालय के समक्ष अग्रसारित किया गया। जो कि थानाध्यक्ष को प्रेषित किये गये नोटिस के विपरीत है। ऐसी स्थिति में थानाध्यक्ष मोहम्मदाबाद के विरुद्ध धारा ३४९ द0प्र0सं0 के अंतर्गत प्रकीर्ण वाद दर्ज रजिस्टर किया जाता है। कार्यालय को आदेशित किया जाता है कि वह अविलंब प्रकीर्णवाद दर्ज करना सुनिश्चित करें और थानाध्यक्ष मोहम्मदाबाद को धारा ३४९ द0प्र0सं0 के अंतर्गत नोटिस प्रेषित किया जाये।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *