चुनार, समृद्धि न्यूज़। नगर पालिका परिषद के के सभासदों के प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को अध्यक्ष/अधिशासी अधिकारी के नाम ज्ञापन सौंप कर पालिका द्वारा स्वकर निर्धारण दर के विरुद्ध आपत्ति दर्ज कराया। प्रतिनिधि मंडल ने कहा कि स्वकर निर्धारण बेबुनियाद है इसलिए इसे निरस्त किया जाना चाहिए।उन्होंने बोर्ड की पुनः बैठक आहूत कर जनहित में ध्यान में रखते हुए इसे संशोधित किए जाने की आवश्यकता बताया है। ज्ञापन में कहा गया है कि चुनार नगर तीन तरफ से नदी से घिरा होने के कारण यहां कोई विकासशील गतिविधियां नहीं हो रही हैं ना ही भविष्य में किसी तरह के विकास की गुंजाइश है ऐसी स्थिति में आप द्वारा स्वकर के लिए निर्धारित दर अधिक एवं गैर कानूनी है ।जिसका भार चुनार पालिका की जनता नहीं उठा सकती, लोगों को पालिका द्वारा पुराने दर से स्वकर का निर्धारण किया जा चुका है जिन्हें शासन द्वारा निर्धारित मापदंड के अनुसार भवनों के निर्माण अवधि के अनुसार छूट प्रदान नहीं किया गया है, वर्ष 2010- 15 असेसमेंट के बाद अब तक कोई असेसमेंट नहीं कराया गया इस अवधि में पालिका के अंतर्गत बड़ी संख्या में नए मकान बिना नक्शा पास कराये बन चुके हैं जिससे कर निर्धारण अभिलेख में दर्ज नहीं है ना ही वे लोग गृह कर देते हैं बल्कि नगर पालिका के संसाधनों का दोहन कर रहे हैं, ऐसे मकानों को चिन्हित कर उन सभी भवन स्वामियों को नोटिस देकर नक्शा पास कराकर अभिलेख में उक्त भवनों का रिकॉर्ड दर्ज कराकर टैक्स अधिरोपित किया जाना आवश्यक है जिससे राजस्व में वृद्धि हो सके, बिना जन प्रतिनिधियों से चर्चा किए बोर्ड की आमसभा में स्वीकृत कराये मनमाने ढंग से जनता पर कर लगाया जा रहा है जो गलत है जनहित में पूर्व निर्धारित स्वकर दर को पुनः संशोधित करने के लिए बोर्ड की बैठक अति शीघ्र आहूत करने की मांग की गई है।इस दौरान विकास कुमार कश्यप, अवनीश कुमार राय, करतार सिंह, आरती कुमारी, अवनीश कुमार राय बिट्टो देवी, संगीता सिंह, सुनील कुमार यादव, किशन कुमार मोदनवाल, नसरीन बेगम, सरोज देवी, सुजीत कुमार, पूजा पाल, सुनीता देवी, मोनू कुमार, मदनलाल आदि मौजूद रहे।
