राम को आराध्य देव के रुप में राजा राम से मानव जीवन की यात्रा का किया गया वर्णन

डा0 शिवओम अम्बर ने सात अध्याय, सात काण्डों की फल श्रुतियों का किया विवेचन
फर्रुखाबाद, समृद्धि न्यूज। श्रीराधा श्याम शक्ति मंदिर लोहाई रोड में गोस्वामी तुलसी दास द्वारा रचित श्रीराम चरित मानस के सप्त काण्डों की फल श्रुतियों में बाल काण्ड के तात्विक विवेचना के अन्तर्गत वरिष्ठ साहित्यकार राष्ट्रीय कवि डा0 शिवओम अम्बर ने अपने विचार व्यक्त करते मानस की समीक्षा की। सम्पूर्ण भारत में श्रीराम कथाओं को क्षेत्रीय विद्वान मनिषियों ने अलग-अलग ढंग से लिखा। उनके अर्थ भी अनेक हुए। गोस्वामी तुलसीदास ने अपने राम को आराध्य देव के रुप में राजाराम से मानव जीवन की यात्रा में पुरषोत्तम मर्यादा श्रीराम को पर ब्रह्म तक की यात्रा अपने ढंग से मानस में वर्णन किया। श्रीराम चरित मानस भारतीय साहित्य का महाकाव्य ही नहीं समाज में मानव जीवन के मानव मूल्यों के संस्कार है। धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष, वर्ण व्यवस्था, समाजिक व्यवस्था, राजनैतिक व्यवस्था और समाजिक मानव जीवन का आधार है। श्रीराम चरित मानस में सात अध्याय, सात काण्ड, सात सोपान में तुलसीदास अपने आराध्य देव श्रीराम आदि देवों का मंगल चरण से लेकर कर सामाजिक जीवन के मानव मूल्यों को भारतीय संस्कृति के संस्कार वर्ण व्यवस्था, आश्रम व्यवस्था, समाजिक व्यवस्था का वर्णन करते हुए पर ब्रह्म ईश्वर की उपासना की जो अध्यात्मिकता के साथ समाजिक जीवन में प्रेरणादायक है। गोस्वामी तुलसीदास के जीवन के व्यक्तित्व एवं कृतित्व की व्याख्या करते हुए सात सोपान, श्रीराम के अनुराग, भक्ति, विनम्रता, स्वाभीमान, निष्ठा, आहलाद, विषाद आदि का मानस में साहित्य दर्पण के रुप में देखा। जिससे 500 वर्ष पूर्व अतीत का समाजिक चित्रण उनके व्यक्तित्व के साथ कृतित्व में आया, जिसके मानस ग्रंथ में विवचेना की। उन्होंने छंद, सोरठा, चौपाई लिखी। डा0 शिवओम अम्बर द्वारा गहन अध्यन, चिंतन मनन के अपने विचार उदगार प्रस्तुत किये। डा0 शिवओम अम्बर द्वारा तात्विक विभिन्न में रमेश चन्द्र त्रिपाठी, सुरेन्द्र सफ्फड़, राजन महेश्वरी एवं लतिका महेश्वरी, बृजेन्द्र श्रीमाली, सुरेन्द्र पाण्डेय ने उनका स्वागत और सम्मान किया। कार्यक्रम का शुभारम्भ राधा श्याम, खाटू श्याम की दिव्य भव्य दर्शन एवं आरती के साथ किया गया। बाल काण्ड का पाठ एवं भव्य दर्शन प्रार्थना एवं महाआरती व प्रसाद वितरित किया गया। इस मौके पर प्रवीन सफ्फड़, जितेन्द्र अग्रवाल, रोहित सफ्फड़, रामकृपाल मिश्रा, श्याम सुंदर, अरविन्द दीक्षित, रविन्द्र भदौरिया, इंद्रा पाण्डेय, अलका पाण्डेय आदि ने भजनों व विचारों का आनंद लिया। कार्यक्रम का संचालन सुरेन्द्र पाण्डेय ने किया।

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