न्यायाधिकारी ने अभियुक्तों को एक वर्ष के सदाचार की परिवीक्षा पर छोड़ा

20-20 हजार की दो जमानतें व इतनी ही धनराशि का बंध पत्र दस दिन के अंदर दाखिल करने के निदेश
फर्रुखाबाद, समृद्धि न्यूज।
न्यायाधिकारी ग्राम न्यायालय अमृतपुर जनपद फर्रुखाबाद विजय रतन गौतम ने राज्य बनाम अभियुक्त हरिपाल पुत्र रामसरन तथा विजय उर्फ दुर्विजय पुत्र राम उर्फ रामनिवास निवासी ग्राम चाचूपुर थाना राजेपुर फर्रुखाबाद के विरुद्ध दर्ज मु0अ0सं0-९८/१९९८ धारा-३२३ भा0द0वि0 के मामले में दोषी पाते हुए तुरन्त कोई दण्डादिष्ट देने के बजाय संबंधित जिला प्रोबेशन अधिकारी के अधीन एक वर्ष के सदाचार की परिवीक्षा पर छोड़ा जाता है। अभियुक्तगण संबंधित जिला प्रोबेशन अधिकारी के अधीन बीस हजार रुपये की दो-दो जमानतें तथा इतनी ही धनराशि का निजी बंधपत्र दस दिन के अंदर दाखिल करें। साथ ही इस आशय की अण्डरटेकिंग भी दी जाये कि वे इस दौरान सदाचार बनाये रखेंगे, शांति कायम रखेंगे तथा कोई त्रुटि होने पर न्यायालय के बुलाये जाने पर उपस्थित होंगे तथा दण्डादेश प्राप्त करेंगे। यदि अभियुक्तगण की ओर से प्रस्तुत शपथ पत्र के कथन मिथ्या साबित होते हैं, तो भी अभियुक्त को न्यायालय आहूत कर दण्डादेश पारित किया जायेगा। दोषसिद्ध अभियुक्तगण के परिवीक्षा अवधि में शांतिभंग करने अथवा अन्य कोइ त्रुटि संबंधित त्रुटि करने पर राज्य सरकार/जिला प्रोबेशन अधिकारी इस संदर्भ में न्यायालय को सूचित करेंगे।

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