एएसपी ने पहुंचकर की जांच, फॉरेसिंक टीम ने एकत्र किये नमूने
अमृतपुर, समृद्धि न्यूज। अमृतपुर थाना क्षेत्र के गूजरपुर गहलवार गांव में शुक्रवार रात 70 वर्षीय वृद्ध कप्तान पुत्र झम्मनलाल की बाग की रखवाली के दौरान बेरहमी से हत्या कर दी गई। एक माह के भीतर थाना क्षेत्र में यह दूसरी हत्या है। जिससे ग्रामीणों में भय और आक्रोश व्याप्त है। पहले थाना क्षेत्र के गांव करनपुर दत्त में एक नाबालिक बेटी की हत्या की गई थी। जिसके हत्यारे जेल में है और अब वृद्ध कप्तान की हत्या कर दी गई। आखिर कब तक हत्यारे इस प्रकार की घटनाओं को अंजाम देते रहेंगे। मृतक के चेहरे और सिर पर किसी भारी वस्तु से वार किए गए थे। जिससे चेहरा पूरी तरह विक्षत हो गया। ग्रामीण इस हत्या को पुरानी रंजिश का नतीजा मान रहे हैं। शनिवार तडक़े गांव के ही हरिसिंह की पत्नी और अन्य दो महिलाएं जब शौच के लिए खेतों की ओर गईं, तो उन्होंने कप्तान को अचेत अवस्था में पड़ा देखा। आवाज देने पर कोई प्रतिक्रिया न मिलने पर वे घबरा गईं और तुरंत उनकी पत्नी ओमवती को सूचना दी। ओमवती खेत पहुंचीं तो पति को मृत अवस्था में देखकर रोने बिलखने लगीं। उनकी चीख पुकार सुनकर गांव के लोग इक_ा हो गए और पुलिस को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची थाना अध्यक्ष मोनू शाक्य ने जांच पड़ताल की। उच्च अधिकारियों को घटना से अवगत कराया। घटना की सूचना पाते ही एएसपी डॉ0 संजय कुमार, क्षेत्राधिकारी अजय वर्मा भी अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और घटनास्थल को चारों तरफ से घेराबंदी कर गहनता से जांच पड़ताल की। वहीं फॉरेंसिक टीम ने भी पहुंचकर नमूने एकत्र किये। पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। वहीं पुलिस को घटनास्थल से एक ब्लूटूथ डिवाइस भी बरामद हुई है। जिसकी जांच की जा रही है। अपर पुलिस अधीक्षक डॉ0 संजय कुमार ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। कई संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है। बहुत जल्द हम आरोपियों को गिरफ्तार कर उन्हें सलाखों के पीछे भेजेंगे।
कोई संतान न होने पर साढ़ू की बेटी को रखा था साथ
मृतक कप्तान के कोई संतान नहीं थी। उन्होंने अपने साढ़ू की बेटी वैजयंती को अपने पास रखा था। जिसकी लगभग पांच वर्ष पूर्व शादी हो चुकी थी। वैजयंती का चार वर्षीय पुत्र भी कप्तान के साथ ही रहता था। वैजयंती इन दिनों पति के साथ महाराष्ट्र में रहकर मजदूरी आदि का कार्य करती है। बताया जाता है कि कप्तान दो दिन से अपने खेत में खड़े आम के पेड़ों की फसल की निगरानी कर रहे थे। शुक्रवार रात करीब 9 बजे वे भोजन करने के बाद बाग की रखवाली के लिए चले गए थे।
