लुलु ग्रुप की तरह अन्य उद्यमी भी पुनीत कार्यों में करें सहयोग- मौर्य।

समृद्धि न्यूज़ लखनऊ।गुरुवार को महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती बेबी रानी मौर्य द्वारा निदेशक आईसीडीएस एवं लुलु ग्रुप के अधिकारियों की उपस्थिति में बूचड़ मोहाल केंद्र पर आंगनवाड़ी कार्यकत्री श्रीमती धनदेवी को किट सौपी गई।इसके साथ मंत्री श्रीमती मौर्य द्वारा जिलों को भेजी जाने वाली किट के वाहन को हरी झंडी दिखाकर अपनी शुभकामनाएं देते हुए संबंधित जनपदों के लिए रवाना किया गया।मंत्री श्रीमती मौर्य ने अपने उद्बोधन में संस्था के इस कार्य का दिल से स्वागत करते हुए अन्य उद्यमियों को भी इस पुनीत कार्य में सहयोग के लिए अपील की।मंत्री श्रीमती मौर्य द्वारा बच्चों से केंद्र पर कराई जाने वाली गतिविधियों के बारे में जानकारी ली गई।आईसीडीएस की निदेशक श्रीमती सरनीत कौर द्वारा आंगनबाड़ी कायाकल्प के तहत जनपदों में किया जा रहे कार्यों की जानकारी देते हुए बताया गया कि प्रदेश के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों को मूल आधार भूत सुविधाओं जैसे पेयजल,शौचालय एवं विद्युतीकरण आदि से संतृप्त कराते हुए केंद्रों पर पढ़ाई का बेहतर माहौल विकसित किया जा रहा है जिससे शासन की मंशा के अनुरूप केंद्रों पर “पोषण भी पढ़ाई” की संकल्पना फलीभूत हो सके।लुलु ग्रुप के रीजनल डायरेक्टर जयकुमार गंगाधर तथा प्रबंध निदेशक लीजो जोश ने संयुक्त रूप से अवगत कराया कि संस्थान अपने वाणिज्यिक गतिविधियों के साथ साथ सामाजिक प्रतिबद्धता को पूरा करने के लिए पूरी तरह से दृढ संकल्पित है।अपने स्तर से विगत वर्षों में शासन को उपलब्ध कराए गए सहयोग की जानकारी देते हुए बताया गया कि बच्चे देश का भविष्य है।छोटे बच्चों को शुरुआती दिनों में एक सुखद वातावरण प्राप्त होने से उनके सीखने और समझने की क्षमता में वृद्धि होती है।बच्चों के समग्र विकास को प्राप्त करने के दृष्टिकोण से ईसीसीई की किट 47 केदो को दी गई है।भविष्य में संस्थान अन्य केंद्रों को भी सहयोग प्रदान करने के लिए रणनीति बनाएगा।कार्यक्रम में उपनिदेशक जफर खान,बैजू गंगाधरन,एडमिन मैनेजर,सिब्तैन हुसैन,पीआर हेड लुलु मॉल सहित जनपद के जिला कार्यक्रम अधिकारी राजेश कुमार एवं बाल विकास परियोजना अधिकारी सीमांत उपस्थित रहे।ज्ञांत हो कि बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग द्वारा पोषण,स्वास्थ्य एवं शालापूर्व शिक्षा संबंधी सेवाएं प्रदान किए जाने के लिए आंगनबाड़ी केंद्र एक महत्वपूर्ण इकाई है।केंद्रों के माध्यम से छह वर्ष आयु वर्ग तक के बच्चों तथा गर्भवती एवं धात्री माताओं को समुचित पोषण, स्वास्थ्य एवं समग्र विकास के लिए विभाग द्वारा अनुपूरक पोषाहार,टीकाकरण,स्वास्थ्य जांच,स्वास्थ्य शिक्षा स्कूल पूर्व शिक्षा एवं संदर्भन सेवाएं प्रदान की जाती है।योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए लाभार्थियों हेतु संसाधनों की उपलब्धता के साथ ही बाल मैत्री भवन एवं आधारभूत संरचनाओं के निरंतर सुदृणीकरण की आवश्यकता होती है।प्रदेश में कुल एक 1,89,021 केंद्र संचालित है और इन केंद्रों पर तीन से छह वर्ष तक के 50 लाख बच्चे पंजीकृत हैं। केंद्रो के सौंदर्यीकरण कराने के साथ ही बच्चों के उपयोगार्थ रिसोर्स मैटेरियल उपलब्ध कराने के लिए विभागीय बजट के साथ साथ जनपद स्तर पर उपलब्ध मिनरल फंड,ग्राम निधियां, विधायक निधियां,सांसद निधियां, व सीएसआर आदि का उपयोग करते हुए निरंतर बच्चों के उपयोगार्थ प्री स्कूल किट,खिलौने तथा अन्य आउटडोर मैटेरियल आदि उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इसी क्रम में सीएसआर अंतर्गत “लुलु ग्रुप इंटरनेशनल” द्वारा प्रदेश के कुल छह जनपदों के 47 आंगनबाड़ी केदो पर बच्चों के उपयोगार्थ शालापूर्व शिक्षा संबंधी कल 37 आइटम की किट उपलब्ध कराई गई है।उक्त के अतिरिक्त जिले के आलमबाग परियोजना अंतर्गत आंगनबाड़ी केंद्र बूचड़ मोहाल का ऑपग्रेशन कराते हुए वहां भी एलईडी एवं बच्चों के उपयोगार्थ किट उपलब्ध कराई गई है।किट में डॉ सेट, एनिमल सेट,कारपेंटर सेट, बिल्डिंग ब्लॉक व पजेल्स आदि के साथ ही आकर्षक लो हाइट टेबल,फोम मैट एवं स्लाइड है।
