प्लास्टिक का कचरा और अवशिष्ट जलाए जाने से पर्यावरण और मानव जीवन को गहरा आघात
हलिया (मिर्ज़ापुर ) बेलन नदी के दक्षिणी किनारे पर महुअट बरौंधा स्थित एक प्राइवेट हॉस्पिटल का अवशिष्ट पदार्थ और कचरा खुले आसमान के नीचे फेंक दिया जा रहा है। जिससे कूड़ो और कचरे के ढेर से निकलने वाले जहरीले रसायन जल,वायु और वातावरण को पूरी तरह से दूषित कर दे रहा है। स्थानीय लोगों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि प्लास्टिक और कूरे कचरे का ढेर जब अधिक हो जाता है तो हॉस्पिटल संचालक द्वारा उसे जलवा दिया जाता है। जिसकी जहरीली गैस से लोगों का दम घुटने लगता है। कूड़ो और कचरे के ढेर से कीड़े मकोड़े और संक्रमित विषैले मच्छरों का तेजी से प्रकोप बढ़ रहा है। जिससे हैजा, मलेरिया, टाइफाइड और डेंगू जैसी बीमारियों की चपेट में लोग फसते जा रहे हैं। विशेषज्ञों की अगर मानें तो खासतौर पर प्लास्टिक का कचरा जलाने से डाइआक्सिन जैसे जहरीले रसायन निकलता है। जो अस्थमा ब्रोंकाइटिस, और फेफड़ों जैसी घातक का कारण बनता है। मेडिकल एक्ट की मानें तो हॉस्पिटलो के अवशिष्ट पदार्थ को किसी भी दशा खुले में नहीं फेका जा सकता। किंतु यहां पर सारे नियम और कानून हवा हवाई साबित हो रहा हैं। शासन द्वारा साफ सफाई के लिए स्वच्छता अभियान और जागरूकता कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है किंतु जिम्मेदार अधिकारियों की अनदेखी की चलते शासन की मंशा को गहरा आघात लग रहा है। इस संबंध में उच्चीकृत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हलिया के चिकित्साधिकारी डॉक्टर अवधेश कुमार ने कहा कि रजिस्टर्ड हॉस्पिटलो के लिए वायो मेडिकल वेस्ट का वाहन निर्धारित है। इसके बावजूद किसी हॉस्पिटल द्वारा ऐसा किया जा रहा है तो जांचकर उसके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
