लापरवाही: बिना आमद कराकर दूसरे हल्का की पुलिस ने गांव में दी दबिश

महिला को भगा लाने का मामला
मोहम्मदाबाद, समृद्धि न्यूज। महिला को भगा लाने के मामले में थाना पुलिस द्वारा कार्यवाही न करने पर पीडि़त ने दूसरे हल्का पुलिस से मदद की गुहार लगायी। जिसके बाद पुलिस ने बिना कानूनी नियम के क्षेत्र में दबिश दी। दूसरे हल्का की पुलिस देखकर ग्रामीणा डर गये। वहीं सूचना मिलते ही प्रेमी युगल फरार हो गये। ऐसे में थाना पुलिस की लापरवाही से बड़ी घटना घट सकती है।
जानकारी के मुताबिक, कोतवाली मोहम्मदाबाद निवासी एक युवक दिल्ली में एक प्राइवेट कम्पनी में काम करता था। वहीं पश्चिम बंगाल के जिला निवासी दंपत्ति भी नौकरी करते थे। इसी बीच मोहम्मदाबाद निवासी युवक की महिला से दोस्ती हो गयी और वह लगभग 10 दिन पूर्व महिला को अपने साथ ले आया।

महिला के पति ने दिल्ली पुलिस को दी तहरीर

वहीं जानकारी होने पर महिला के पति ने दिल्ली के संबंधित थाने में पत्नी के चले जाने की तहरीर दी। जिसके बाद दिल्ली पुलिस ने कार्यवाही करने के बजाय पीडि़त युवक व उसके परिजनों को युवक की लोकेशन दे दी और कहा की लोकेशन के आधार पर आरोपी युवक का पता लगा लो।

22 जुलाई को पीडि़त पहुंचा मोहम्मदाबाद थाने

लोकेशन के आधार पर युवक खोजबीन करते हुए 22 जुलाई को परिजनों के साथ मोहम्मदाबाद पहुंचा तथा थाना पुलिस से मदद की गुहार लगाई। जिस पर थाना पुलिस ने कहा कि आपके साथ दिल्ली पुलिस का कोई भी व्यक्ति नहीं है, इसलिए हम कोई कार्यवाही नहीं कर सकते और पीडि़त को टरका दिया।

पुलिस ने बिना कानूनी कार्यवाही के दी दबिश

सूत्रों की माने तो 24 जुलाई की सुबह महिला के स्वजनों ने पुलिस को मोटी रकम देकर आरोपी युवक को पकडऩे को कहा। जिस पर शाम 8 बजे दूसरे हल्के के दो दरोगा आशू यादव तथा सुरेश चाहर पुलिस बल के साथ एक प्राइवेट वाहन से युवक की तलाश करते हुए उसके गांव पहुंचे। रात 8 बजे दूसरे हल्के की पुलिस को देखकर ग्रामीण भयभीत हो गए। जिसके बाद पुलिस कर्मियों ने युवक के घर पहुंचकर महिला व आरोपी युवक की खोजबीन की, लेकिन पुलिस के आने की सूचना मिलते ही दोनों फरार हो चुके थे।

ग्रामीणों का आरोप?

ग्रामीणों ने बताया कि अचानक से पुलिस एक वाहन से गांव में पहुंची और गांव के ही एक युवक के घर में घुसकर उसकी तलाश करने लगी। पुलिस आने की सूचना मिलते ही युवक एवं महिला मौके से फरार हो गई। बताते चलें कि बताते चलें कि पुलिस के सुस्त रवैये के चलते अक्सर बड़ी घटनाएं हो जाती हैं, लेकिन पुलिस घटना का खुलासा समय पर नहीं कर पाती। इस मामले में पुलिस द्वारा दिखाई गई सक्रियता पुलिस को शक के दायरे में खड़ा कर दिया है।

महिला के परिजनों का आरोप

महिला के परिजनों ने बताया कि हम लोग तीन दिन से थाने के चक्कर लगा रहे थे। किसी भी पुलिस कर्मी ने कोई बात नहीं सुनी। बाद में आशू यादव दरोगा ने मदद करने की बात कही। जिस कारण पुलिस ने नियम से हटकर मदद की है।

बिना थाने में आमद कराये की कार्यवाही

बताते चले कि पुलिस का स्तर इतना नीचे गिर चुका है कि रुपए को लेकर नियम के विरुद्ध भी कार्य कर देती है। ऐसे मामलों में संबंधित थाने की पुलिस आती है तथा थाने में अपनी आमद कराती है और थाने के अन्य पुलिस कर्मियों के साथ रवानगी कराती है, जिसके बाद ही किसी गांव में दबिश देने जाती है, लेकिन इस प्रकरण में पुलिस द्वारा ऐसा कोई काम नहीं किया गया।

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