आज रात से एक पश्चिमी विक्षोभ आ रहा है. पूरे नॉर्थ वेस्ट इंडिया में इसका प्रभाव होगा. इसके असर की वजह से आज रात से ही बादल छाये रहेंगे और हल्की बूंदा-बांदी के आसार हैं. इसलिए दिल्ली और आसपास के इलाकों में भी बुधवार से तापमान में थोड़ी गिरावट की संभावना है. इसके बाद दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर और राजस्थान सभी जगहों पर हीटवेव कम हो जाएगी. छत्तीसगढ़, उड़ीसा, बंगाल और बिहार की तरफ मानसून बढ़ रहा है. दिल्ली में अभी मानसून आने में वक्त है, लेकिन धीरे-धीरे प्री मानसून के लिए मौसम बन रहा है. प्री मानसून बूंदा-बांदी हो सकती है. स्काइमेट वेदर के वाइस प्रेसिडेंट महेश पलावत ने बताया कि मानसून गुजरात से शुरू हुआ था. नवसारी, विदर्भ, अमरावती होते हुए साउथ छत्तीसगढ़ में आया. साउथ छत्तीसगढ़ और साउथ उड़ीसा को छूते और पूरे उत्तर पूर्वी राज्यों को कवर करते हुए सिक्किम तक पहुंचा. सिक्किम में मानसून 21 मई को पहुंच गया था
. करीब एक महीने होने को हैं, अभी मानसून वहीं पर अटका हुआ. 14 जून से यह गुजरात, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, उड़ीसा से आगे नहीं बढ़ पाया है. पूर्वी गुजरात में भी 25-26 जून तक मानसून के पहुंचने की संभावना है हालांकि बारिश 27 जून के आसपास शुरू हो जाएगी, लेकिन अब देखना यह होगा कि मौसम विभाग उस बारिश को कब मानसूनी बारिश डिक्लेयर करता है, क्योंकि कई क्राइटेरिया होते हैं मानसूनी बारिश के. जैसे लगातार बारिश होनी चाहिए, ईस्टरली विंड होना चाहिए, ह्यूमिडिटी बढ़नी चाहिए और टेंपरेचर गिरना चाहिए. एक-दो दिन आगे पीछे हो सकता है, लेकिन जून के अंत तक दिल्ली में मानसून आ जाएगा. पंजाब, साउथ हरियाणा, उत्तराखंड और दिल्ली-NCR तक पहुंच जाएगा. इसमें कोई बहुत डिले दिखाई नहीं दे रहा है. पश्चिमी हरियाणा के सिरसा फतेहाबाद के जो इलाके हैं, इनमें मानसून आने के लिए जून के अंत तक इंतजार करना होगा. पश्चिम पंजाब जैसे गुरदासपुर, अमृतसर, पठानकोट और तरनतारन तक मानसून काफी लेट पहुंचता है. इसमें जुलाई के पहले हफ्ते तक पहुंचेगा. हालांकि बारिश जून के अंत तक शुरू हो जाएगी. हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के ज्यादातर इलाके तब तक कवर हो जाएंगे.
आसमान में छाएंगे बादल, होगी झमाझम बारिश
