समृद्धि न्यूज। झांसी में तैनात केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर सीजीएसटी की डिप्टी कमिश्नर प्रभा भंडारी व सेन्ट्रल गुड्स एवं सर्विसेज टैक्स सीजीएसटी के अधीक्षक अनिल तिवारी, अजय शर्मा को रिश्वत मांगने के आरोप में निलंबित कर दिया गया है। सीबीआई ने कारोबारियों से रिश्वत लेकर सरकार को करोड़ों रुपये के टैक्स का चूना लगाने के मामले में डिप्टी कमिश्नर सहित सात लोगों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया था। डिप्टी कमिश्नर आठ दिनों कारोबारियों से रिश्वत लेने की डील कर रही थीं, लेकिन सीबीआई की सक्रियता की वजह से पकड़ी गई। सीबीआई लखनऊ की एंटी करप्शन ब्रांच की टीम ने मंगलवार को झांसी में डिप्टी कमिश्नर प्रभा भंडारी और दो टैक्स अधीक्षकों को हार्डवेयर की दुकान चलाने वाले कारोबारी से 70 लाख रुपये की घूस लेते हुए दबोचा था, जिसके बाद एक अधिवक्ता और कारोबारी को भी गिरफ्तार कर सभी के ठिकानों पर छापे मारे, जिसमें 90 लाख रुपये नकदी के साथ चांदी के बार और सोने के जेवरात बरामद किए हैं। जानकारी के अनुसार डिप्टी कमिश्नर करोड़ों रुपये की टैक्स चोरी मामले में कारोबारी को राहत देने के बदले डेढ़ करोड़ रुपये की रिश्वत मांग रही थीं, उन्हें 30 लाख रुपये दिए जा चुके थे। यह राशि डिप्टी कमिश्नर ने सीजीएसटी विभाग झांसी में तैनात सुपरवाइजर अनिल कुमार तिवारी व अजय शर्मा के जरिए ली थी, जबकि रिश्वतखोरी के लिए सीजीएसटी के वकील नरेश कुमार गुप्ता ने दोनों सुपरवाइजरों से उनके घर पर कारोबारियों की मुलाकात कराई थी। सीबीआई ने इस मामले में आइआरएस अधिकारी व डिप्टी कमिश्नर प्रभा भंडारी, सुपरवाइजर अनिल कुमार तिवारी व अजय शर्मा, एडवोकेट नरेश कुमार गुप्ता, जय अंबे प्लाईवुड के संचालक लोकेश तोलानी, जय दुर्गा हार्डवेयर के संचालक राजू मंगतानी व तेजपाल मंगतानी के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया था। अब सीजीएसटी की डिप्टी कमिश्नर प्रभा भंडारी व सेन्ट्रल गुड्स एवं सर्विसेज टैक्स सीजीएसटी के अधीक्षक अनिल तिवारी, अजय शर्मा को रिश्वत मांगने के आरोप में निलंबित कर दिया गया है।
झांसी में सीजीएसटी डिप्टी कमिश्नर तीन निलंबित
