साइबर ठगी करने वाले गिरोह के तीन सदस्य गिरफ्तार

हजारों की नगदी व 4 मोबाइल फोन, 3 एटीएम व फर्जी बिल बरामद
फर्रुखाबाद, समृद्धि न्यूज। मुखबिर की सूचना थाना राजेपुर पुलिस ने धोखाधड़ी व साइबर ठगी करने वाले गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के पास से 87000 रूपये, 04 मोबाइल फोन, 03 एटीएम व फर्जी बिल बरामद हुए। पुलिस ने सभी के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया।
आगामी लोकसभा चुनाव को दृष्टिगत रखते हुये अपराध एवं अपराधियों के विरूद्ध चलाये जा रहे अभियान के तहत राजेपुर पुलिस व एसओजी तथा सर्विलांस टीम ने मुखबिर की सूचना तुसौर तिराहे के पास से जेनेन्द्र पुत्र सतीश सिंह निवासी अम्बरपुर, गजेन्द्र सिंह पुत्र कृष्णपाल सिंह निवासी नेकपुर चौरासी, संजीव कुमार उर्फ शनि पुत्र रामनरेश निवासी मिया पट्टी थाना अमृतपुर को गिरफ्तार कर लिया।
थाना राजेपुर क्षेत्र में अभियुक्तगण 1 जेनेन्द्र पुत्र सतीश सिंह, गजेन्द्र सिंह पुत्र कृष्णपाल सिंह , संजीव कुमार उर्फ शनि पुत्र रामनरेश, विशाल त्रिवेदी पुत्र चन्द्रप्रकाश उर्फ कल्लू त्रिवेदी निवासी भुडिय़ा भेड़ा द्वारा भोले-भाले लोगों से झूठ बोलकर फर्जी प्रपत्रों के माध्यम से जस्ट डायल एप के माध्यम से ट्रेडि़ंग हेतु फर्जी खातों में धन ट्रांसफर करवाते थे तथा ये लोग साइबर ठगी करते थे। अभियुक्तगण ट्रेडिग़ तथा बिल वाऊचर तथा फर्म के कूटरचित दस्तावेज तैयार कर ठगी करने हेतु झांसे में आये लोगों को भेजते थे तथा पैसा उसी एकाउन्ट में डलवाया जाता था जो खाता दूसरे व्यक्ति के नाम पर फर्जी होता था और उसका एटीएम व यूपीआई आइडी में अभियुक्तगण के फर्जी नम्बर लगे होते है। जिसका एटीएम इनके पास होते थे। उस एकाउन्ट का सारा पैसा निकाल लेते थे। अभियुक्तगण जेनेन्द्र, गनेन्द्र, संजीव कुमार उर्फ शनि के कब्जे से 04 मोबाइल फोन, 02 एटीएम कार्ड, फर्जी कूटरचित बिल बाउचर 03 वर्क, 01 पैन कार्ड, 87000 रूपये नकद बरामद हुये।
पूछताछ के दौरान आरोपियों ने बताया कि हम लोग भिन्न भिन्न लोगों को लालच देकर उनके खाता संख्या व एटीएम कार्ड, क्यूआरकोड प्राप्त कर लेते है व जस्ट डायल एप के माध्यम से जो कस्टमर सम्पर्क करते है तो उसे माल भेजने के कीमत (रूपये) को फर्जी अकाउन्ट नम्बर प्रोवाइड़ कर पैसा मांगवाया जाता है यदि कोई कस्टमर बिल चाहता है तो या पैसे की रसीद मांगता है तो हम लोग फर्जी बिल बनाकर भेज देते है। फिर हम लोग ग्राहकों के फोन रिसीव नहींं करते है जो रूपये हम लोगों को प्राप्त होते है वो हम लोग आपस में बांट लेते है।

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