
फर्रुखाबाद, समृद्धि न्यूज। छठी मोहर्रम पर फतेहगढ़ स्थित तलैया लेन बड़े इमामबाड़े में मरहूम सैय्यद सुल्तान अली की जानिब से आयोजित मजलिस में मौलाना तनवीर अब्बास लखनवी ने फरमाया इस्लाम, रोजा, नवाज व हुसैन व हुसैन की शखिसयत पर तफसील से रोशनी डाली। उन्होंने फरमाया कि हमारी पहचान नवी से है, हुसैन से है, उन्हीं के सदके में शरियत कुरान मिला है। नवी को जरुरत पड़ी, तो हुसैन आये। हुसैन वाले बनने के लिए इंसान होना जरुरी है। उन्होंने कहा कि हुसैन इंसानियत का नाम है। इत्तहाद सीखना है तो जानवरों से सीखें। कायनात में नमाज, रोजे के जरिये से लोगों को बुलंदी है। दरअसल इस्लाम इंतहाद सिखाता है। करबला के मैदान में हुसैन के सजदे कायनात तक याद रहेंगे। हुसैन से मोहब्बत करना है, तो पहले नमाज पढऩ है। मौलाना ने हुसैन की शख्सियत व उनके किरदार को पहचानों और इस्लाम मोहम्मद की पहचान करो। दरे मोहम्मद पर जो भी आया वह छोटा बनाकर आया पेश हुआ व बुलंदी पर गया। मजिलस में शोरा हजरात ने अपने-अपने बेहतरीन सलाम पेश किये। इस मौके पर सैय्यद इरफान अली, सैय्यद फुरकान ली, इरशाद अली, एजाज अली, ताज भाई, मेराज अली, जीशान अली, नावेद अली, शहवाज मौजूद रहे।
