प्रतिष्ठित जी.डी. गोयंका स्कूल खोलकर आज मेरा सपना हुआ साकार-डॉ0 जितेंद्र सिंह यादव

अब पैसे के अभाव में गुणवत्तायुक्त शिक्षा से कोई बच्चा नहीं रहेगा वंचित
हम बच्चों के दिमाग को डायवर्ट कर उनके हिसाब से करेंगे शिक्षित
कुछ नया सीखने के लिए बिजिट पर विदेश भी जायेंगे हमारे स्कूल के बच्चे
फर्रुखाबाद/छिबरामऊ, समृद्धि न्यूज। छिबरामऊ स्थित साईंधाम प्रांगण में शिक्षा के लिए प्रतिष्ठित जी.डी. गोयंका पब्लिक स्कूल का शुभारंभ हवन पूजन के साथ हुआ। इस मौके पर कवि सम्मेलन का भी आयोजन किया गया। जिसमें नामी गिरामी कवियों ने प्रतिभाग कर कार्यक्रम को भव्यता प्रदान की।
शनिवार को पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार लखनऊ के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान जी.डी. गोयंका पब्लिक स्कूल की शाखा का शुभारंभ हवन पूजन व कवि सम्मेलन के साथ हुआ। विद्यालय के चेयरमैन डॉ0 जितेंद्र सिंह यादव ने इस मौके पर कहा कि मेरा सौभाग्य है कि मुझे आज यह मंच साझा करने का अवसर मिला। उन्होंने कहा कि वाणी से जो भी शब्द निकलते हैं, उनका जुड़ाव कहीं न कहीं ईश्वर से होता है। डॉ0 जितेंद्र ंिसंह यादव ने कहा कि राजनीतिक व सांस्कृतिक कार्यक्रम अलग होते है, लेकिन यह कार्यक्रम उससे अलग है। उन्होंने कहा कि जब अच्छे श्रोता सामने होते हैं, तो अपनी बात को कहने में भी अच्छा लगता है। उन्होंने कहा कि आज जो मैंने यह शिक्षण संस्थान यहां पर खोला है, उसकी मुख्य शाखा लखनऊ में अपने बच्चों का दाखिला कराने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। विद्यालय में शिक्षाध्ययन करने के बाद मैंने अपने बच्चों में जो बदलाव देखा, उससे मैं काफी प्रभावित हुआ। फिर मेरे मन में विचार आया कि क्यों न इसकी शाखा कन्नौज और फर्रुखाबाद में खोली जाये। धीरे-धीरे मेरे सपनों को पंख लगने लगे और मेरी डॉ0 अनीता जी से बात हुई। पहले तो लखनऊ के लोगों ने छोटे शहरों के लिए ब्रांच देने से इन्कार कर दिया, लेकिन धीरे-धीरे मेरी मेहनत रंग लायी और आज मेरा सपना साकार हो गया। यहां से तमाम व्यापारियों, राजनैतिक व्यक्तियों तथा बड़ी-बड़ी हस्तियों के बच्चे लखनऊ में जी.डी. गोयंका स्कूल में पढऩे जाते हैं और वहां पर फ्लैट लेकर रहते हैं। जिससे उनका काफी पैसा इन्वेस्ट होता है, लेकिन अब उनको लखनऊ नहीं जाना पड़ेगा, वहां की उच्च स्तरीय पढ़ाई की सुविधा यहीं मिलेगी। जिसके लिए मैंने अच्छे शिक्षकों का स्टाफ चयनित किया है। बाहर कंट्री इथोपिया से के.एम. नुरुला को बुलाया है जो कि विद्यालय के डायरेक्टर का पद संभालेंगे। हमारा उद्देश्य पैसा कमाना नहीं है, बल्कि बच्चों को शिक्षित बनाकर उनका भविष्य बनाना है। बहुत से हमारे मध्यमवर्गीय ऐसे बच्चे हैं जो साइंटिस्ट बनने का सपना देखते हैं, डाक्टर बनने का सपना देखते हैं, खिलाड़ी बनना चाहते हैं, शूटर बनना चाहते हैं, उन सभी का सपना हम साकार करेंगे। जो बच्चा जिस क्षेत्र में आगे जायेगा, उसको उसी हिसाब से शिक्षित किया जायेगा। समय-समय पर बच्चों के सेमिनार आयोजित किये जायेंगे। जिससे यहां के बच्चे बाहर जा सकें और बाहर के बच्चे यहां आ सकें। उन्होंने कहा कि गार्जियन पैसा तो खर्च करता है, लेकिन उनके बच्चे को वह माहौल नहीं मिल पाता, जिसकी उसे जरुरत होती है। हमें बच्चे के विचार को चेंज करना है। उसके दिमाग को डायवर्ट करना है। उन्होंने कहा कि हमारे पिताजी ने जो सपना देखा था, उसको मैं साकार कर रहा हूँ। उन्होंने मौजूद सभी कवियों को संबोधित करते हुए कहा कि कवियों ने आज जो अपना अमूल्य समय हमें दिया है, उनका मैं शुक्रगुजार हूँ। इसी के साथ उन्होंने कार्यक्रम में आये सभी का आभार व्यक्त किया।

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