पीडि़त ने घोटाले के संदर्भ में प्रस्तुत किये साक्ष्य
फर्रुखाबाद, समृद्धि न्यूज। मुख्यमंत्री से शिकायत कर घोटाला करने वाले स्टेशन इंचार्ज के खिलाफ कार्यवाही व धन की वसूली की मांग की गई है। उत्तर प्रदेश परिवाहन निगम फर्रुखाबाद डिपो में कार्यरत स्टेशन इंचार्ज गौरीशंकर ने फर्जी जाति एवम शैक्षिक प्रमाण पत्रों के आधार पर नियुक्ति कराकर विगत 32 वर्षों में करोडो रूपये में घोटाले करने का आरोप लगाया गया है। पीडि़त इससे पहले भी इस संदर्भ में कई बार शियकत कर कार्यवाही की मांग कर चुका है, लेकिन अभी तक जितनी भी जांचें हुई सभी में जांच अधिकारियों ने आरोपी से सांठगांठ कर ली है। फिर एक बार शिकायतकर्ता मुख्यमंत्री के दरबार पहुंचकर उच्च स्तरीय जांच कराकर कार्यवाही की मांग की। शिकायतकर्ता नवी शेर बी0सी0 पद से सेवानिवृत्त द्वारा दिये गये मुख्यमंत्री को प्रार्थना पत्र में दर्शाया कि फर्रुखाबाद डिपो में गौरी शंकर स्टेशन इंचार्ज के पद पर कार्यरत है जिसमें तहसील जलेसर ग्राम मिर्जापुर जिला एटा के फर्जी जाति एवम शैक्षिक प्रमाण पत्रों मृतक अनोखे लाल पुत्र गौरीशंकर यादव के लगे हुए है। गौरी शंकर ने 8 अक्टूबर 2010 को छिबरामऊ डिपो में लाखो रूपये के कंप्यूटर में घोटाला किया और कंप्यूटर जलाकर राख कर दिया घोटाले की जांच नहीं हो सकी। 15 दिसम्बर 2017 में कैश गबन हुआ था, उस समय गौरी शंकर के पास डबल लॉक की चाबी थी, सरकारी कैश गबन की जांच नहीं हुई थी। 13 जनवरी 2010 में भी 17 एटीएम मशीनों से लाखो रूपये का घोटाला हुआ था, कोई जांच नहीं करायी गई। वर्ष 1997-1998 फर्रुखाबाद डिपो डीजल टैंक से पूरा डीजल टैंक गायब हुआ था, जांच करने पर बताया गया कि डीजल डिग्गी तालाब में वह गया था क्योंकि सारी जांचे इसलिए नहीं हुई थी गौरी शंकर स्टेशन इंचार्ज के बहनोई कृपाल सिंह क्षेत्रीय प्रबन्धक इटावा थे। गौरी शंकर 8 अपै्रल 1994 में परिचालक भर्ती में बाबू की (बी0 सी0) का भुगतान लिया था। 11 अगस्त 2025 तक सरकार के करोड़ो रूपये गवन कर राकेश कुमार बेरिया सहायक क्षेत्रीय प्रबन्धक ने ऑनलाइन रिपोर्ट भेजी। आईजीआरएस फर्रुखाबाद को सारे भ्रष्टाचार को माफ़ कर दिया है, जबकि रसीद 234959 करीब तीस वर्षों से जमा नहीं करायी गई। शिकायतकर्ता ने मुख्यमंत्री से उच्चस्तरीय जांच कराकर सरकारी धन का दुरुपयोग करने वालों के खिलाफ कार्यवाही की मांग की है।
परिवहन विभाग के स्टेशन इंचार्ज ने करोड़ों का किया घोटाला, शिकायत मुख्यमंत्री से
