फर्रुखाबाद, समृद्धि न्यूज। अपर जिला जज विशेष एससी/एसटी न्यायाधीश महेंद्र सिंह ने गैर इरादतन हत्या व दलित उत्पीडऩ के मामले में शशिकांत उर्फ दीनू कटियार पुत्र अवधेश, गोविंद कटियार पुत्र प्रेमचंद्र कटियार निवासीगण गंगुआपुर थाना बिल्हौर को दोषी करार देते हुए सात वर्ष का कारवास व 30 हजार रुपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया है। विगत 13 वर्षो पूर्व थाना इंदरगढ़ क्षेत्र के ग्राम निकारीपुर निवासी वीरेंद्र ने जीआरपी थाना प्रभारी को दी गई तहरीर में बताया कि मेरा पुत्र प्रशांत एनसीसी का कैम्प करने कानपुर गया था। वह ८ नवंबर २०१० को सुबह पैसेंजर ट्रेन से रावतपुर से कन्नौज आ रहा था। जब ट्रेन गंगवापुर स्टेशन पर खड़ी हुई, तभी मेरे पुत्र के गोविंद कटियार ने अपने साथी के सहयोग से कोई वजनदार चीज मार दी और जातिसूचक गालियां दीं। मेरा पुत्र घर पर बेहोशी की हालात में आया। इलाज के दैरान उसकी म्रत्यु हो गयी थी। तहरीर के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया। विवेचक ने साक्ष्य गवाह के आधार न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। बचाव पक्ष की दलील व शासकीय अधिवकता की पैरवी के आधार पर न्यायाधीश महेंद्र सिंह ने शशिकांत, गोविंद को दोषी करार देते हुए सात वर्ष का कारवास व 30 हजार रुपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया। अर्थदण्ड अदा न करने पर एक वर्ष का अतिरिक्त कारवास व जेल में विताई गयी अवधि को सजा की अवधि में समायोजित किया जाएगा। ————–
गैर इरादतन हत्या व दलित उत्पीडऩ में दो को युवकों सात वर्ष की सजा
