1993 के बॉम्बे बम विस्फोट, गुलशन कुमार हत्याकांड, प्रमोद महाजन हत्याकांड, 2008 के मुंबई हमलों में संदिग्धों पर मुकदमा, 2013 मुंबई सामूहिक बलात्कार मामले, 2016 कोपार्डी बलात्कार मुकदमा और 26/11 मुंबई हमले का मुकदमा… इन सभी में एक समान बात यह है कि वरिष्ठ वकील उज्जवल निकम ने दोषियों को सजा दिलाने में सफलता पाई थी. उन्होंने 28/11 में मुबंई में हुए आतंकी हमले के बाद जिंदा बचे आतंकी कसाब को फांसी के फंदे तक पहुंचाया था. आतंक और आतंकवादियों के खिलाफ लड़ाई का ऐलान कर चुके वरिष्ठ वकील उज्ज्वल निकम को बीजेपी ने मुंबई उत्तर मध्य से उम्मीदवार बनाया है. पूनम महाजन की जगह बीजेपी ने उन्हें टिकट देकर सभी को चौंका दिया है. इस तरह से आतंक के खिलाफ लड़ाई रहने वाले निकम ने अब राजनीति में एंट्री की है निकम को 2016 में भारत सरकार द्वारा पद्मश्री से सम्मानित किया गया था. उन्हें आंतकियों के खिलाफ लड़ाई और उनकी सुरक्षा को लेकर खतरा के मद्देनजर Z+ की सुरक्षा मुहैया कराई जाती है.
आतंकी कसाब को फांसी की सजा दिलाने वाले वकील उज्ज्वल निकम BJP से लड़ेंगे चुनाव
