फर्रुखाबाद, समृद्धि न्यूज। किशोरी का गर्भपात करने के दौरान उसकी मौत हो जाने पर उसके शव को एक खेत में फेंक कर फरार होने वाली अप्रशिक्षित महिला पर साक्ष्य के आधार पर अपर जिला जज विशेष ईसी एक्ट न्यायाधीश राकेश कुमार सिंह ने दोषी करार देते हुए सजा की सुनवाई के लिए 26 अगस्त की तिथि नियत की है।
विगत 11 वर्ष पूर्व थाना मेरापुर क्षेत्र के ग्राम चंदुइया निवासी ग्राम प्रधान जोगराज पुत्र रामभरोसे ने पुलिस को दी तहरीर में दर्शाया था कि मेरे गांव की वैशाली जो गांव में दाई का काम करती है, और उसके पास कोई डिग्री नहीं है। यह काम वह चोरी छिपे करती है, वह गर्भपात भी करवाती है। 16 जुलाई 2012 को मैंने व गांव के अन्य लोगों ने घटना देखी। बबलू श्रीवास्तव व इस्लाम खां इधर उधर घूम रहे थे। उनके साथ एक नावालिग किशोरी थी। जिसका गर्भपात करवाने के लिए वैशाली के पास ग्राम चंदुइया आये थे। वैशाली के पास कोई मेडिकल डिग्री नहीं थी। गर्भपात करवाते समय किशोरी की मृत्यु हो गई। साक्ष्य मिटाते हुए वैशाली ने अपने घर के पीक्षे खेत में शव को जला दिया। विवेचक ने साक्ष्य गवाह के आधार पर वैशाली, बबलू श्रीवास्तव, इस्लाम, ईश्वरी के विरुद्ध न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल कर दिया। बचाव पक्ष की दलील व शासकीय अधिवक्ता की कुशल पैरवी के आधार पर न्यायाधीश राकेश कुमार सिंह ने वैशाली को दोषी करार दिया। सजा के बिंदु पर 26 अगस्त की तिथि नियत की है। साक्ष्य के आभाव से बबलू श्रीवास्तव, इस्लाम को दोष मुक्त कर दिया। मुकदमा विचारण के दौरान ईश्वरी प्रसाद की मृत्यु हो गयी थी।
किशोरी का गर्भपात करने वाली अप्रशिक्षित महिला पर दोषसिद्ध
