फर्रुखाबाद, समृद्धि न्यूज। फतेहगढ़ के लोको स्थित ऐतिहासिक गंगा जमुनी की मिसाल दरगाह हजरत मखदूम शाह सय्यद शहाबुद्दीन औलिया अलैहि रहमा में मोहब्बत उल उलूम जामिया चिश्तिया मुजद्दीदिया के बच्चों ने कुरान ख्वानी के साथ उर्स की शुरुआत मंगलवार को दरगाह के सज्जादा नशीन शेखुल मशाइख़ हजऱत शाह मुहम्मद शरीफ उर्फ़ मोहब्बत शाह व नायब सज्जादा नशीन शाह मुहम्मद वसीम उर्फ मुहम्मद मियां की मौजूदगी में हुई। उर्स मेें कर्नाटक, महाराष्ट्र, राजस्थान, पंजाब, दिल्ली के जायरीनों ने शिरकत की और अपने-अपने अंदाज में फूल और चादर पेश कर अकीदत पेश की। नमाजों का भी आयोजन किया गया और साथ ही दरगाह शरीफ में दरूदो सलाम का भी नजराना अकीदत पेश किया गया। शाम 6 बजे को चिरागा रोशनी हुआ। नमाज़ ईशा तकरीब 9 बजे जश्ने ईद मुबारक मनाया गया। जिसमें खुसूसी खतीबे अहलेबैत हजऱत अल्लामा व मौलाना सय्यद नूरुल अराफात, मदारी मकनपुर शरीफ, हाफिज मौलाना शाहिद हुसैन, मदारी उस्ताद जामिया चिश्तिया व खानकाह शरीफ के सज्जादा नशीन उपस्थित में उलेमा और शोहरा अपने-अपने अंदाज में बयान किया। नातिया कलाम मशहूर और मारूफ शायर शकील आरफी, यूसुफ हातिफ अलीगढ़ व मुकामी शायर भी मौजूद रहे। निजामत हाफिज शाहिद वारसी ने की। मुख्य बयान मौलाना नूरुल अराफात ने किया। इस मौके पर हाफिज अरशद साबरी, मौलाना शाहिद हुसैन, सय्यद मुहम्मद आरिफ, रफत हुसैन, अजहर हुसैन, हाजी अख्लाक, फैसल खान, बैंगलोर से जाहिद खान साबरी, आफताब साबरी, मुहम्मद हनीफ उर्फ बबलू, कोटा से नीलू बाबा, सलमान साबरी, पंजाब से हरजिंदर आदि मौजूद रहे।
उर्स मखदूम का कुरआन ख्वानी के साथ हुआ शुभारम्भ
