महाविद्यालय परीक्षा व्यवस्था को पारदर्शी प्रक्रिया के तहत कराए संपन्न-कुलपति

 महाविद्यालय नैक मूल्यांकन प्रक्रिया को अवश्य अपनाएं- कुलसचिव।
समृद्धि न्यूज़ अयोध्या। डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के स्वामी विवेकानंद सभागार में संबद्ध महाविद्यालयों में शैक्षिक सुधार के संबंध में प्राचार्यों एवं प्रबंधकों के साथ बैठक का आयोजन कुलपति कर्नल डॉ बिजेंद्र सिंह की अध्यक्षता में की गई।
अध्यक्षीय उद्बोधन में कुलपति डॉ. सिंह ने कहा कि सभी महाविद्यालय परीक्षा व्यवस्था को पारदर्शी प्रक्रिया के तहत संपन्न कराए।परीक्षा व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए जिस पर सबका विश्वास हो।शिक्षा के क्षेत्र में काफी परिवर्तन हो रहा है उसमें हम सभी को अपग्रेड करना होगा। इससे विश्वविद्यालय और महाविद्यालय की छवि बढ़ेगी। पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था से शिक्षा में आवश्यक सुधार आएगा।विश्वविद्यालय परीक्षा के समय को कम करेगा जिससे छात्रों को पठन-पाठन का समय अधिक मिले।कुलपति ने महाविद्यालय को इंफ्रास्ट्रक्चर पर विशेष ध्यान देने के लिए प्रेरित किया।व्याख्यान कक्ष प्रयोगशाला,पुस्तकालय,पेयजल की सुविधा और उसका अनुरक्षण सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए।परीक्षा में सीसीटीवी वॉइस रिकॉर्डर युक्त कैमरे प्रयुक्त किए जाएं।साथ ही मानकों के अनुरूप अनुमोदन एवं निर्बाध पठन-पाठन की व्यवस्था महाविद्यालय सुनिश्चित करें। कुलपति ने एनईपी पाठ्यक्रम के अनुरूप रोजगारपरक शिक्षा व्यवस्था को अपनाने पर जोर दिया।छात्रों की कक्षा में 75% उपस्थिति पर कुलपति ने कहा कि सभी महाविद्यालय सुनिश्चित करें कि छात्र की कक्षा उपस्थिति अवश्य हो अन्यथा उन छात्रों को परीक्षा में शामिल होने से वंचित कर दिया जाएगा।सभी महाविद्यालय कंप्यूटर शिक्षा की व्यवस्था कर शिक्षा के क्षेत्र में हो रहे तकनीकी बदलाव के साथ आगे बढ़े।कुलपति ने सभी महाविद्यालय को सामुदायिक एवं सामाजिक भागीदारी में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया।उन्होंने विश्वविद्यालय में शीघ्र हेल्प डेस्क की स्थापना कराने को कहा जिससे शिकायतों का त्वरित निस्तारण हो सके।बैठक को संबोधित करते हुए कुलसचिव विनय कुमार सिंह ने कहा कि शैक्षिक गुणवत्ता अनुसंधान और प्रशासनिक पारदर्शिता के लिए महाविद्यालय नैक मूल्यांकन प्रक्रिया को अवश्य अपनाएं। इससे महाविद्यालयों की प्रतिष्ठा के साथ-साथ विश्वविद्यालय की प्रतिष्ठा भी बढ़ेगी।इसके अतिरिक्त महाविद्यालयों को अनुदान एवं विशेष प्रोत्साहन योजनाओं का लाभ दिया जाएगा।कुलानुशासक प्रो. एसएस मिश्र ने कहा कि एनईपी की मूल भावना शिक्षा व्यावसायिक एवं आत्मनिर्भर बनाने में सहायक बने।बैठक में शिक्षण व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए महाविद्यालय के प्राचार्य एवं प्रबंधकों से संवाद किया गया।समर्थ पोर्टल पर आ रही शिकायतों का समाधान रवि मालवीय ने किया।आइक्यूएसी के निदेशक प्रो. हिमांशु शेखर सिंह ने धन्यवाद ज्ञापन करते हुए कहा कि नैक मूल्यांकन में अच्छे संस्थानों को अवश्य जाना चाहिए।इसे विकसित भारत की संकल्पना को साकार करने में सहायता मिलेगी।बैठक का संचालन अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रोफेसर नीलम पाठक ने किया। इस अवसर पर वित्त अधिकारी पूर्णेन्द्र शुक्ल,का.सु साकेत पीजी कॉलेज के प्राचार्य प्रो. दानपति त्रिपाठी,उप कुलसचिव ए के गौतम,डॉ. रीमा श्रीवास्तव,डॉ. मनीष सिंह,कंप्यूटर प्रोग्रामर रवि मालवीय डॉ. राजेश सिंह सहित बड़ी संख्या में महाविद्यालयों के प्रबंधक एवं प्राचार्य उपस्थित रहे।

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