*नगर विधायक, सांसद पर जिला प्रशासन से सांठगांठ कर मतगणना में धांधली का लगाया आरोप
फर्रुखाबाद, समृद्धि न्यूज। पूर्व विधायक विजय सिंह की पुत्रवधू ने नगर पालिका फर्रुखाबाद के चुनाव की मतगणना में हुई धांधली का आरोप लगाते हुए न्यायालय में निर्वाचन अधिकारी रिटर्निंग ऑफिसर दुर्ण कुमार वर्तमान तैनात अधिशासी अभियंता सिंचाई विभाग, वर्तमान नगर पालिका अध्यक्ष वत्सला अग्रवाल, कांग्रेस प्रत्याशी मुमताज बेगम, आम आदमी पार्टी प्रत्याशी राधा श्रीवास्तव, भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी सुषमा गुप्ता, निशा, नूतन, बिट्टो देवी, शिखा, सुमिता आदि के खिलाफ याचिका दायर की दायर की गई।
याचिका में समाजवादी पार्टी फर्रुखाबाद नगरपालिका अध्यक्ष पद प्रत्याशी एकता पत्नी अविनाश चौधरी जो की पुत्रवधू पूर्व विधायक विजय सिंह ने दर्शाया कि मुझे चुनाव हराने के लिए पहले से ही जिला प्रशासन ने योजनाबंद तरीके से उत्पीडऩ शुरु कर दिया था। 12 मई को नाला मछरट्टा स्थित कार्यालय व घर पर प्रशासन ने पुलिस बल तैनात कर दिया था और मेरे पति अविनाश चौधरी उर्फ विक्की, देवर अभिषेक उर्फ सिक्की के विरुद्ध 107/16 के तहत कार्यवाही करते हुए उन्हे रेड कार्ड तामील कराकर पुलिस द्वारा घर में नजरबंद करा दिया गया व मेरी सास पूर्व नगर पालिकाध्यक्ष दमंयती सिंह को भी घर पर ही नजरबंद कर दिया गया, यह नियम विरुद्ध था और यह कहा कि मतगणना की रात्रि 10 बजे तक यह कार्यवाही यथावत रहेगी। मेरे चुनाव के इलक्शन एजेंट मेरे पति अविनाश चौधरी थे। जिनका पास प्रशासन ने जबरदस्ती निरस्त कर दिया। मतगणना 8 बजे शुरु होने थी। जब मतगणना स्थल हमारे अभिकर्ता पहुंचे तो उन्हे काफी देर तक गेट पर रोंका रखा। काफी प्रयास करने के बाद प्रवेश कराया गया। मतगणना के प्रथम व द्वितीय चक्र में मंै बहुजन समाज पार्टी वत्सला अग्रवाल से 1150 मतों से आगे चल रही थी। जैसे कि मतगणना परिणाम याचिनी के मतगणना अभिकर्ताओं द्वारा सेंट्रल टेबिल पर मेरा पास पहुंचाया गया था। मतगणना परिणाम रिटर्निंग आफीसर ने विपक्षी संख्या १ द्वारा जो हाथों से तैयार किया गया। उसमें मुझे 7950 मत व वत्सला अग्रवाल को 8273, भाजपा प्रत्याशी सुषमा को 7218 मत प्राप्त होना अंकित किया गया। पर्यवेक्षक/आरओ के हस्ताक्षर मौजूद है। शुरुआती दौर में ही मतगणना में धांधली होने लगी थी। मेरे अलावा भारतीय जनता पार्टी की प्रत्याशी के पुत्र जो कि जिलाध्यक्ष है भाजपा के रुपेश गुप्ता उन्हे जब धांधली का अंदेशा हुआ तो उन्होंने भी इस धांधली का विरोध किया तो वह अपने एजेंटों के साथ धरने पर बैठ गये। इस दौरान बिना पास के जिला प्रशासन की सहमति से सदर विधायक मेजर सुनील दत्त द्विवेदी, उनके चचेरे भाई प्रांशु दत्त द्विवेदी मतगणना स्थल पर पहुंच गये। कुछ देर बाद सांसद मुकेश राजपूत भी पहुंच गये और पुन: मतगणना कराये जाने की मांग कर हे भाजपा जिलाध्यक्ष व उनके समर्थकों की बात को दबा दिया और प्रशासन पर दबाव बनाकर मुझे चुनाव हरवाया गया। एकता चौधरी ने यह भी दर्शाया कि नगर पालिकाध्यक्ष वत्सला अग्रवाल इससे पहले लगातार 10 बार रही है। जिसके चलते अधिकारियों व कर्मचारियों से अच्छी जान पहचान है। मेरे ससुर पूर्व विधायक विजय सिंह ब्रह्मदत्त द्विवेदी हत्याकाण्ड में सजायाफ्ता बांदा जेल में निरुद्ध है।
विजय सिंह की पुत्रवधू ने नगर पालिका मतगणना में हुई धाँधली के खिलाफ दायर की याचिका.
