ब्लड बेचने वाले गिरोह के दो सदस्यों को ग्रामीणों ने पकडक़र जमकर पीटा

नाबालिग युवाओं को चंद रुपयों का लालच देकर फांसते थे अपने जाल में
फर्रुखाबाद, समृद्धि न्यूज। नाबालिग लडक़ों को बहला फुसलाकर चंद रुपयों का लालच देकर उनका ब्लड निकालकर बेचने वाले गिरोह के दो सदस्यों को ग्रामीणों ने दबोच लिया और उनकी जमकर पिटाई करने के बाद पुलिस को सूचना देकर सौंप दिया।
जानकारी के अनुसार थाना कादरीगेट के अंतर्गत ग्राम मसेनी में सैकड़ों की संख्या में वैध तथा अवैध अस्पताल संचालित हैं। जिनमें भर्ती होने वाले मरीजों को ब्लड की आवश्यकता होती है। ऐसे में यहां पर संचालित लैब के टेक्नीशियन ब्लड के लिए कुछ युवकों से सांठगांठ रखते हैं और जब ब्लड की आवश्यकता होती है, तो वह उन युवकों से संपर्क करते हैं। यही युवक नाबालिग लडक़ों को कुछ रुपयों का लालच देकर अपने जाल में फांसते हैं और अस्पताल ले जाकर उनका ब्लड निकलवा देते हैं। वहीं नाबालिग लडक़े भी कुछ रुपये मिल जाने पर अपना शौक पूरा करते हैं। किसी तरह इसकी भनक नाबालिग लडक़ों के परिजनों को हुई, तो उन्होंने अपने-अपने बच्चों की निगरानी शुरु की। गुरुवार को कुटरा के ग्रामीणों ने लडक़ों को बहला फुसलाकर अपने साथ ले जाने वाले युवक अर्जुन पुत्र भगवती प्रसाद, विनय पुत्र महेशचंद्र निवासी नलकूप कालोनी सेंट्रल जेल को दबोच लिया और उनकी जमकर पिटाई की। बाद में ग्रामीणों ने घटना की सूचना पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों को हिरासत में ले लिया। पुलिस हिरासत में युवकों ने बताया कि वह अस्पताल में ब्लड को ढाई से तीन हजार रुपये में बेचते हैं। जबकि नाबालिग युवकों को एक हजार से पन्द्रह सौ रुपये देते हैं। जबकि अस्पताल संचालक उसी ब्लड को मरीज को ६ से ७ हजार रुपये में बेचते हैं। यह तो एक वानगी है। जिले भर के प्राइवेट अस्पतालों में यह गौरखधंधा तेजी से चल रहा है।

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