पशु चोरी की घटनाओं से ग्रामीणों की नींद उड़ी

रात में ग्रामीण पशुओं के पास सोने को हैं मजबूर
ग्रामीणों ने पुलिस से रात्रि गश्त करने की उठायी मांग
कायमगंज, समृद्धि न्यूज। आये दिन हो रहीं भैंस चोरी की घटनाओं से पशु स्वामियों में दहशत का माहौल देखा जा रहा है। पशु स्वामी अपने जानवरों की रखवाली रात-रात भर जागकर कर रहे हैं, तो कई लोगों ने अपने पशुओं को अंदर बांधना शुरु कर दिया है। वहीं ग्रामीणों ने पुलिस से पशु चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने की मांग की है।
जानकारी के अनुसार बीते करीब एक सप्ताह मेें एक दर्जन भैंस चोरी हो चुकी हैं। जिससे पशु स्वामियों में दहशत का माहौल देखा जा रहा है। कायमगज कोतवाली क्षेत्र के गॉव अल्लापुर निवासी अनोखेलाल पुत्र रूपलाल ने बताया कि वह पशुओं की रखवाली करने के लिए घर के बाहर लेटते हैं। उनका कहना है कि १०-१२ चोर लोडर लेकर आते हैं। अगर विरोध करते हैं तो तमंचे से धमकाते हैं और पीटते हैं। हम भला अकेले उनका मुकाबला कैसे कर सकते हैं। वहीं गॉव अल्लाहपुर निवासी वंशलाल राजपूत पुत्र कृपाल सिह राजपूत ने बताया कि चोरों के डर से वह पशुओं के पास सोने को मजबूर हैं, क्योंकि उन्हें हर समय डर सताता रहता है कि कब पशु चोर लोडर लेकर आ जायें और उनके कीमती पशु को चोरी कर ले जायें। इसके अलावा अन्य ग्रामीणों ने भी अपनी आपबीती बतायी। कम्पिल थाना क्षेत्र के गाँव हकीकतपुर निवासी रवेन्द्र सिंह होमगाई जो की दिनांक 15 मई को फतेहपुर में चुनाव डियूटी पर गये थे। बीते दो दिन पूर्व उनकी भैस दरवाजे पर बन्दी थी, तभी अज्ञात चोर चुरा ले गये। कायमगंज के अलावा नवाबगंज में भी पशु चोरी की घटनाओं से लोगों की नींद उड़ी हुई है। नवाबगंज में भी पशु चोरी की कई घटनायें घट चुकी हैं, लेकिन अभी तक किसी भी चोर को पुलिस गिरफ्तार नहीं कर पायी है। जिससे ग्रामीणों में रोष है।

मोहल्ला चिलांका में अवैध रुप से संचालित है बूचडख़ाना

कायमगंज। नगर के मोहल्ल चिलांका में बूचडख़ाना बगैर लाइसेंस के चल रहा है। वहीं कुछ लोगों का कहना है कि पशु चोर बूचडख़ाना संचालक से सांठगांठ किये हुये हैं। जो भैंस दूध नहीं देती हैं उनको बूचडख़ाने में औने पोने दामों में बेच देते हैं। जबकि दूध देने वाली भैसों को अन्य जनपदों में आधे दामों में बेच दिया जाता है। लोगों ने अवैध रुप से संचालित इस बूचडख़ाने पर शिकंजा कसने की मांग की है। जिससे पशु चोरी की घटनाओं को रोका जा सके। हालांकि सरकार के सख्त आदेश हैं कि बगैर लाइसेंस के कोई भी स्लाटर हाउस का संचालन नहीं करेगा, लेकिन इसके बावजूद सरकार के नियम की धज्जियां उड़ायी जा रही हैं।

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