मैनेजर पर लगाये गंभीर आरोप, पांच घंटे बाद पुलिस ने छोड़ा
एक कर्मी तबादला व हटाने को लेकर गर्माया मामला
फर्रुखाबाद, समृद्धि न्यूज। टेक्नीशियन कर्मी को षड्यंत्र के तहत हटाये जाने के विरोध में उतरे कर्मचारी, मामला पुलिस के पास पहुंचा। कई घंटे बाद पुलिस ने लाये गये सभी कर्मियों को छोड़ दिया। इस दौरान टावर टेक्नीशियन कर्मियों ने टेक्निकल मैनेजर पर कई गंभीर आरोप लगाये। कर्मचारियों ने बताया कि ललित तिवारी इंडस टावर की सहयोगी कंपनी महिंद्रा ऐंड महिंद्रा में टेक्नीशियन के पद पर कार्यरत हैं जो कि शहर से लेकर गंगा पार अमृतपुर, राजेपुर का एरिया देखते हैं। जिनको महिंद्रा ऐंड महिंद्रा कंपनी के टेक्निकल मैनेजर मनोज पटेल, एसएससी शिवम दीक्षित, पुष्पराज रिटायर्ड पुलिसकमीर्, बीबी सिंह, उमाशंकर तथा अन्य सिक्योरिटी से संबंधित लोगों ने आकर शुगर मोटर्स के सामने टॉवर के ताले तोड़ दिए, जिसकी सूचना टेक्नीशियन को नहीं दी। बिना सूचना दिये यह सब कार्यवाही एक षड्यंत्र के तहत की जा रही है। न ही किसी प्रकार का कोई लिखित पत्र दिया गया। जब हम लोगों ने कारण जानना चाहां तो पहले निलंबित करने की बात कही, फिर बोले कि तबादला किया जा रहा है। जबकि ललित तिवारी की किसी प्रकार की अभी तक कोई शिकायत सामने नहीं आयी है। मनोज पटेल के साथ आये सभी लोग हमलावर हो गये और पुलिस को बुला लिया। पुलिस हम सभी लोगेां को थाना कादरीगेट ले आयी और करीब ४ घंटे तक बैठाकर रखा। उसके बाद जब कम्पनी की तरफ से कोई लिखित कागज नहीं तो घर जाने दिया। टावर पर काम करने वाले ने बताया कि जिन्हें पुलिस ने थाने में बैठाकर रखा उनमें शैलेंद्र कुमार अग्निहोत्री, गौरव यादव, शिवम यादव, संजय यादव, ललित तिवारी, नरोत्तम पाल, निखिल, राजीव यादव, बृजमोहन आदि लोगों के नाम शामिल है। कर्मचारियों ने प्रदेश के मुख्यमंत्री से न्याय दिलाये जाने की मांग की। वहीं कर्मचारियों ने हमारे संवाददाता को बताया कि कम्पनी के टेक्निकल मैनेजर भ्रष्ट है और उनके मन माफिक काम न करने पर तरह-तरह से मानसिक उत्पीडऩ कर रहे है। कर्मियों ने यह भी आरोप लगाया कि जो उनके साथ मिलकर काम नहीं करेगा, उसे वह नौकरी नहीं करने देंगे। इस संदर्भ में जब टेक्निकल मैनेजर से जानकारी की तो उन्होंने बताया कि कम्पनी के उच्चाधिकारियों के आदेश पर ललित तिवारी का कानपुर तबादला किया गया है। इसी को लेकर हम अन्य कर्मियों के साथ गये और टावर पर कई घंटे तक इंतजार किया। सूचना देने पर नहीं आये तो मजबूरन ताला तोडऩा पड़ा, कर्मचारी जो आरोप लगा रहे है वह सब निराधार है।
टावर टेक्नीशियन को हटाये जाने पर कर्मचारियों ने पूछा कारण, तो पुलिस से पकड़वाया
