हरदोई: महिला का पथरी का ऑपरेशन करने के दौरान चिकित्सक ने तौलिया पेट में ही छोड़ दी थी। जब महिला के पेट में दर्द हुआ और वह दूसरे चिकित्सक के पास दिखाने गयी तो पता चला। जिसके बाद चिकित्सक ने महिला का आपरेशन कर तौलिया को बाहर निकाला। पांच माह तक पेट में तौलिया रहने के कारण पूरा शरीर संक्रमित हो गया था। रविवार को महिला की मौत हो गई। महिला के पति ने आईजीआरएस पर पूरे मामले की शिकायत की है।
जानकारी के मुताबिक, टडय़िावां थाना क्षेत्र के ग्राम सडि़ला निवासी कमलेश ने बताया कि वह खेतीवाड़ी कर अपने परिवार का भरण पोषण करते है। उनकी पत्नी जदुरानी के पित्त की थैली में पथरी थी। देहात कोतवाली क्षेत्र के मुरलीपुरवा के पास एक प्राइवेट अस्पताल में जदुरानी को 16 सितंबर 2025 को भर्ती कराया था। वहां 17 सितंबर 2025 को चिकित्सक ने जदुरानी का ऑपरेशन किया था। 28 सितंबर को उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। इसके बाद भी उनके पेट में दर्द होता रहा। चार माह तक वह उसी अस्पताल में इलाज कराती रहीं। फायदा न होने पर जदुरानी ने शहर में लखनऊ रोड स्थित अस्पताल में खुद को दिखाया। यहां हुई जांच में पता चला कि ऑपरेशन के दौरान तौलिया जदुरानी के पेट में छूट गई है। जिसके बाद परिजनों में हडक़ंप मच गया। चिकित्सक ने तुरन्त आपरेशन कराने की सलाह दी। जिसके बाद चिकित्सक ने महिला का आपरेशन कर तौलिया को बाहर निकाला। पांच माह तक पेट में तौलिया रहने के कारण पूरा शरीर संक्रमित हो गया था। रविवार को महिला की मौत हो गई। महिला के पति ने आईजीआरएस पर पूरे मामले की शिकायत की है।
ऑपरेशन के दौरान पेट में छूटी तौलिया, महिला की मौत
