शमशाबाद, समृद्धि न्यूज। थाना क्षेत्र में हरे वृक्षों के अवैध कटान का गोरखधंधा अपने चरम पर है। यहां का एक लकड़ी माफिया शाहिद अपने संरक्षण में इस कार्य को अमली जामा पहनवा रहा है।
जानकारी के अनुसार लकड़ी माफिया शाहिद शहर का सबसे बड़ा लकड़ी माफिया है। जो रात का अंधेरा हो या दिन का उजाला उसे हरे पेड़ कटवाने में कोई परेशानी नहीं होती है। लकड़ी माफिया को वन विभाग से जुड़े कुछ कर्मचारियों का भी संरक्षण प्राप्त हैं। उपरोक्त लकड़ी माफिया एक आरा मशीन का भी संचालन कर रहा है। शमशाबाद के गांव मलू का नगला मंदिर से पूर्व दिशा में लगभग 400 मीटर आगे एक खेत से लगभग 13 शीशम के हरे वृक्षों को लकड़ी माफिया राजू व फिरोजी द्वारा दिनदहाड़े काट दिया गया। जब इस संबंध में जानकारी की गई तो लकड़ी माफिया के पैरों तले जमीन खिसक गई और वह मान मनौब्बल करने लगा। जब कटी हुई लकड़ी के संबंध में जानकारी की गई, तो लकड़ी माफिया राजू व फिरोजी द्वारा शाहिद की चिरान मशीन पर डाल दी गई थी, जो की मौके पर पड़ी हुई थी। वहीं पांच वृक्ष मलू का नगला निवासी गोपाल ठाकुर के खेत जिसमें चार नीम व एक शीशम का वृक्ष काट दिया गया। ज्ञात हो कि इस समय शमशाबाद तराई क्षेत्र में लकड़ी माफियाओं द्वारा अंधाधुंध कटान कर प्रकृति से खिलवाड़ किया जा रहा है और उच्च अधिकारी मौन धारण किए हुए हैं।

