फर्रुखाबाद, समृद्धि न्यूज। अपहरण व दुष्कर्म के मामले में अपर जिला जज विशेष एससी/एसटी एक्ट के न्यायाधीश महेंद्र सिंह ने अभियुक्त गोपाल सिंह पुत्र सुखपाल निवासी सरह कोतवाली फतेहगढ को दोषी करार देते हुए 10 वर्ष का कारवास व 50 हजार रुपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया।विगत 10 वर्ष पूर्व कोतवाली फतेहगढ क्षेत्र की एक विधवा महिला ने पुलिस को दी गई तहरीर में दर्शाया था कि मैं एक गरीब विधवा महिला हूं और मजदूरी करके अपने बच्चों का भरण पोषण करती हूं। खाना बनाने के लिए सुबह चक्की पर आटा लेने गयी हुई थी। वापस घर पहुंचने पर पुत्री गायब थी। बच्चों से पूछने पर बताया कि वह गोपाल के साथ गयी है, तभी पुत्र घर पर आया और बोला कि बहन को गोपाल के साथ जाते देखा है। जब मेरा पुत्र गोपाल के घर गया तो आरोपी की मां ने बहकी-बहकी बातें की। पूछताछ करने पर बताया कि दोनों ने कोर्ट मैरिज कर ली है और मेरे ऊपर अवैध असलाह से जान से मारने की धमकी दी। जबकि मेरी पुत्री नाबालिग है। पुलिस ने तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया था। साक्ष्य गवाह के आधार पर विवेचक ने न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल कर दिया। बचाव पक्ष की दलील व शासकीय अधिवक्ता अशोक कटियार, अनुज प्रताप सिंह की कुशल पैरवी के आधार पर न्यायाधीश महेंद्र सिंह ने अभियुक्त गोपाल सिंह पुत्र सुखपाल को दोषी करार देते हुए 10 वर्ष का कारवास व 50 हजार रुपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया।
अपहरण व दुष्कर्म के मामले में युवक को 10 वर्ष का कारवास
