121 वैदिक आचार्यों ने प्रभु श्रीराम मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा करायी सम्पन्न

प्रधानमंत्री के हाथों श्रीरामलला के विग्रह की हुई प्राण प्रतिष्ठा
150 से अधिक परंपराओं के संत-धर्माचार्य और 50 से अधिक आदिवासी, गिरिवासी, तटवासी, द्वीपवासी, जनजातीय रहे
उपस्थित

समृद्धि न्यूज। अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि पर होने वाली प्राण प्रतिष्ठा समारोह में प्रात: काल 10 बजे से मंगल ध्वनि के भव्य वादन शुरू हुआ। विभिन्न राज्यों से 50 से अधिक मनोरम वाद्ययंत्र लगभग दो घंटे तक इस शुभ घटना का साक्षी बनें। 84 सेकंड का शुभ मुहूर्त रहा। शुभ मुहूर्त 12 बजकर 29 मिनट और 08 सेकंड से 12 बजकर 30 मिनट और 32 सेकंड तक का रहा। पूजा-विधि के यजमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों श्रीरामलला के विग्रह की प्राण प्रतिष्ठा हुई। अनुष्ठान को काशी के प्रख्यात वैदिक आचार्य गणेश्वर द्रविड़ और आचार्य लक्ष्मीकांत दीक्षित के निर्देशन में 121 वैदिक आचार्यों ने संपन्न कराया। इस दौरान 150 से अधिक परंपराओं के संत-धर्माचार्य और 50 से अधिक आदिवासी, गिरिवासी, तटवासी, द्वीपवासी, जनजातीय परंपराओं की भी उपस्थिति रही।

रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की विधि दोपहर 12:20 बजे शुरू हुई। प्राण प्रतिष्ठा की मुख्य पूजा अभिजीत मुहूर्त में हुई। रामलला की प्राण प्रतिष्ठा का समय काशी के विद्वान गणेश्वर शास्त्री द्रविड़ ने निकाला था। यह कार्यक्रम पौष माह के द्वादशी अभिजीत मुहूर्त, इंद्र योग, मृगशिरा नक्षत्र, मेष लग्न एवं वृश्चिक नवांश में हुआ। पीएम मोदी कार्यक्रम में चार घंटे अयोध्या में रहे। पीएम सुबह 10:25 बजे अयोध्या एयरपोर्ट पहुंचे और 10:55 बजे राम जन्मभूमि पर आगमन हुआ। प्राण प्रतिष्ठा समारोह में शामिल होने के बाद सभा को संबोधित किया। 2:10 पर पीएम ने कुबेर टीला का दर्शन किया। सभी पूजा-विधि समाप्त होने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, संघ प्रमुख मोहन भागवत ने सभी रामभक्तों को सम्बोधित किया।

प्रधानमंत्री ने करीब 36 मिनट तक पूरे देशवासियों को संबोधित किया। उन्होंने देव से देश और राम से राष्ट्र थीम पर आधारित प्रेरक संदेश दिया। पीएम मोदी ने अपने संबोधन के दौरान भगवान राम और गिलहरी के संवाद का जिक्र करते हुए देशवासियों को बड़ा संदेश दिया। उन्होंने लोकश्रुति और आस्था से जुड़ी इस प्रेरक कहानी के जरिए खुद के योगदान को कम न आंकने का आह्वान किया। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि गिलहरी और भगवान राम का संवाद हमें बताता है कि सकारात्मक सोच और प्रयास हमेशा जारी रहने चाहिए।
पीएम मोदी अपने भाषण में कहते हैं कि राम विवाद नहीं, समाधान के नायक है।आग नहीं, ऊर्जा प्रदान करते हैं। गिलहरी जैसे मतदाता को कर्तव्यबोध और महत्व बताया गया कि जातियों में बंटे देश को बताया गया कि कोई छोटा नहीं है। युवजन भारत से कहा गया कि चांद पर जो झंडा फहराना है, उसमें हजारों वर्षों की परंपरा और संस्कृति का बोध और गर्व होना चाहिए। विकास के आंकड़ों और सामाजिक कल्याण की गीतावली सुनते देश को बताया गया है कि ये मंदिर आगे एक विकसित भारत का साक्षी बनने जा रहा है।अपना समय निहारते लोगों को बताया गया कि ये भारत का समय है।

धार्मिक नगरी केवल अध्यात्म ही नहीं बल्कि कारोबार का भी बड़ा केंद्र बनकर उभरती है। अयोध्या और काशी ने इसे साबित कर दिया है। कभी वीरान सी रहने वाली अयोध्या आज दमक रही है। जमीनों की कीमतें आसमान छू रही हैं। मांग का आलम ये है कि केवल दो साल में 80 हजार रजिस्ट्री रामनगरी में हो गई हैं। ये सिलसिला जारी है जो दूसरी धार्मिक नगरी काशी का रिकार्ड तोड़ सकती है। इसी अवधि में काशी में 1.20 लाख रजिस्ट्री की गईं।

अयोध्या में जिस जमीन के भाव बीघा में लगते थे, आज नोएडा और लखनऊ की तरह वर्गफुट में आ गए हैं। विभागीय आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2018 के बाद से अब तक अयोध्या में जमीन औसतन पांच से 10 गुना तक महंगी हो चुकी है। राममंदिर निर्माण पूरा होने तक यानी वर्ष 2026 तक जमीन की कीमतों में कम से कम 300 फीसदी की वृद्धि और होगी। स्टांप और पंजीयन विभाग के मुताबिक केवल दो साल में जमीन बेचने-खरीदने की होड़ ने सूरत-ए-हाल बदल दिया है।
प्राण-प्रतिष्ठा समारोह पूर्ण होने के उपरांत श्राम ज्योति प्रज्ज्वलित कर दीपावली मनाई गई। शाम को अयोध्या 10 लाख दीपों से जगमगा गई। इसके साथ ही मकानोंए दुकानों, प्रतिष्ठानों और पौराणिक स्थलों पर श्राम ज्योति प्रज्ज्वलित की गई। अयोध्या सरयू नदी के तटों की मिट्टी से बने दीपों से रोशन हुई। रामलला, कनक भवन, हनुमानगढ़ी, गुप्तारघाट, सरयू तट, लता मंगेशकर चौक, मणिराम दास छावनी समेत 100 मंदिरों, प्रमुख चौराहों और सार्वजनिक स्थलों पर दीप प्रज्ज्वलित किए गए।

मंदिर में अभिषेक समारोह में भाग लेने वाले मेहमानों को उपहार दिया गया।मेगा समारोह में 7 हजार से अधिक मेहमानों को आमंत्रित किया गया था। जिसमें पीएम, आरएसएस प्रमुख व यूपी की राज्यपाल तथा सीएम के अलावा अभिनेता अमिताभ बच्चन, अभिषेक बच्चन, विक्की कौशल, कैटरीना कैफ, अरुण गोविल, अनुपम खेर, मनोज जोशी, गायक कैलाश खेर, जुबिन नौटियाल, गीतकार प्रसून जोशी, पूर्व क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर, रविशंकर प्रसाद और उद्योगपति अनिल अंबानी और कई अन्य लोग शामिल हुए। करीब 7 हजार से अधिक मेहमानों को आमंत्रित किया गया था। हेमा मालिनी, कंगना रनौत, श्रीश्री रविशंकर, मोरारी बापू, रजनीकांत, पवन कल्याण, मधुर भंडारकर, सुभाष घई, शेफाली शाह और सोनू निगम रविवार को ही अयोध्या पहुंच गये थे। सभी मेहमानों को उपहार दिये गये।

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