शामली में पुलिस की मुठभेड़ में 1 लाख के इनामी बदमाश समेत 4 ढेर

सोमवार देर रात झिंझाना के उदपुर गांव के जंगल में एसटीएफ और बदमाशों के बीच मुठभेड़ हो गई, जिसमें मुस्तफा गैंग का एक लाख का इनामी अरशद और उसके तीन साथी गोली लगने से ढेर हो गए। चारों की मौके पर ही मौत हो गई। बदमाशों की गोली लगने से इंस्पेक्टर सुनील कुमार घायल हो गए, जिनकी हालत को गम्भीर देखते हुए गुरुग्राम के लिए रेफर कर दिया गया।

शामली: यूपी के शामली जिले में पुलिस और बदमाशों के बीच मंगलवार तड़के एनकाउंटर हुआ। पुलिस और बदमाशों के बीच ये मुठभेड़ जिले के झिंझाना में हुई। इस दौरान एसटीएफ और बदमाशों के बीच फायरिंग के बीच चार बदमाश ढेर हो गए। वहीं एसटीएफ के इंस्पेक्टर को भी चार गोलियां लगी हैं, जिससे वह घायल हो गए हैं। बता दें कि मुस्तफा उर्फ कग्गा गैंग का एक लाख का इनामी बदमाश भी इस मुठभेड़ में मारा गया है।  जानकारी के मुताबिक, बाढ़ी माजरा सहारनपुर निवासी अरशद समेत उसके तीन साथियों मंजीत, सतीश व एक अन्य को पुलिस वे झिंझाना क्षेत्र में घेर लिया. इस पर अरशद व उसके साथियों ने फायरिंग शुरू कर दी. पुलिस ने भी उन पर जवाबी कार्रवाई की, जिसमें चारों बदमाश मारे गए. एसटीएफ के एएसपी ब्रिजेश कुमार ने बताया कि जवाबी फायरिंग में एक लाख के इनामी अरशद समेत चारों बदमाशों की मौत हो गई है. अरशद के खिलाफ लूट, डकैती व हत्या के एक दर्जन से अधिक मामले दर्ज हैं.

दरअसल, एसटीएफ को गुप्त सूचना मिली थी कि अरशद अपने साथियों के साथ झिंझाना थाना क्षेत्र से गुजरने वाला है। पुलिस ने घेराबंदी की और उन्हें रोकने की कोशिश की। इस पर अपराधियों ने फायरिंग शुरू कर दी, जिसके जवाब में पुलिस ने भी मोर्चा संभाला। करीब आधे घंटे तक चली इस मुठभेड़ में अरशद और उसके तीन साथी घायल हो गए। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। अरशद की मौत के साथ ही मुस्तफा कग्गा गैंग को एक बड़ा झटका लगा है। पुलिस अब अन्य वांछित अपराधियों की तलाश में जुट गई है।

अरशद पर कई थानों में दर्ज थे मुकदमे

अरशद थाना बेहट, सहारनपुर से लूट के एक मामले में वांछित था। उस पर एडीजी जोन द्वारा एक लाख का इनाम घोषित किया गया था। अरशद पर लूट, डकैती और हत्या के एक दर्जन मामले दर्ज थे। मुठभेड़ के दौरान, एसटीएफ टीम का नेतृत्व कर रहे इंस्पेक्टर सुनील को कई गोलियां लगी हैं। आनन-फानन में उन्हें करनाल के अमृतधारा अस्पताल में भर्ती कराया गया। यहां से उन्हें गुरुग्राम के मेदांता हॉस्पिटल रेफर किया गया है।

पैरोल पर आया था मनजीत

एसटीएफ के अनुसार, सोनीपत के मंजीत को किसी मामले में आजीवन  कारावास की सजा सुनाई हुई है। वह पैरोल पर जेल से बाहर आया हुआ था। बाहर आने के बाद वारदातों को अंजाम दे रहा था। अब झिंझाना क्षेत्र में किसी बड़ी वारदात को करने की फिराक में बदमाश थे।

एनकाउंटर में मारे गए बदमाश

  • अरशद पुत्र जमील निवासी बाढ़ी माजरा, थाना गंगोह, सहारनपुर।
  • मंजीत पुत्र महताब निवासी रोहट, थाना खरखौदा, सोनीपत, हरियाणा।
  • सतीश पुत्र राज सिंह निवासी अशोक विहार, थाना मधुबन, करनाल।
  • अज्ञात

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