पूर्वी जोन कमिश्नरेट आगरा की चौकी कबीस थाना डौकी पर केदार सिंह पुत्र राजाराम को मुकदमे से सम्बन्धित पूछताछ के लिए चौकी कबीस पर लाया गया था, जहां पर उसकी संदिग्ध परिस्थितियों में उनकी मौत हो गई। इस प्रकरण में पुलिस उपायुक्त ने बड़ी कार्रवाई करते हुए प्रभारी निरीक्षक थाना डौकी तरूण धीमान को लाइन हाजिर कर दिया है। इसके साथ ही कबीस पुलिस चाैकी प्रभारी सिद्धार्थ चौधरी, दरोगा शिवमंगल और रामसेवक को निलंबित कर दिया गया है। इन सभी पर विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं। केदार सिंह पुत्र राजाराम धोखाधड़ी और कूटरचित दस्तावेज तैयार करने के मामले में चार पुलिसकर्मी पकड़कर लाए थे। परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने चाैकी में थर्ड डिग्री दी। मुंह में कपड़ा ठूंसकर पीटा, जिससे मौत हो गई।
पता चलने पर ग्रामीणों ने हंगामा कर दिया। पुलिसकर्मी चौकी में ताला बंद कर भाग गए। नाराज लोगों ने आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस वे पर जाम लगा दिया। दो घंटे बाद अधिकारियों के आश्वासन पर ग्रामीण माने। मृतक की पत्नी ने पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या की तहरीर दी है। आगरा पुलिस आयुक्तालय द्वारा जारी एक बयान के मुताबिक बृहस्पतिवार को धोखाधड़ी के मामले में डौकी थाने से संबद्ध कबीस चौकी में केदार (58) नामक को पूछताछ के लिए लाया गया था और इस दौरान पुलिस हिरासत में उसकी मौत हो गई। बयान के अनुसार केदार के बेटे देवेंद्र ने आरोप लगाया कि जब उनके पिता से चौकी में पूछताछ की जा रही थी तभी उनकी तबीयत बिगड़ गई और चौकी में ही उनकी मौत हो गई। बयान के अनुसार पुलिस उपायुक्त (पूर्वी क्षेत्र) अतुल शर्मा ने मामले में लापरवाही बरतने के आरोप में कबीस चौकी के प्रभारी सिद्धार्थ चौधरी और डौकी थाने में तैनात उप निरीक्षक शिव मंगल और राम सेवक को निलंबित कर दिया है तथा डौकी थाने के प्रभारी तरुण धीमान को हटा कर लाइन हाजिर कर दिया है। इसमें कहा गया कि मामले की जांच की जा रही है।
आगरा: पुलिस कस्टडी में मौत के मामले में प्रभारी निरीक्षक सहित 4 पुलिसकर्मी निलंबित
