- प्रदेश अध्यक्ष बोले— आलू की बर्बादी रोकने को सरकार बनाए नीति, कोल्ड स्टोरेज का भाड़ा भरे शासन
- सरकार की गलत नीतियों के खिलाफ बड़ा आंदोलन
फर्रुखाबाद, समृद्धि न्यूज़। किसान आंदोलन के बैनर तले आगामी 7 सितंबर को फतेहगढ़ कलेक्ट्रेट पर होने वाले विशाल प्रदर्शन की तैयारियों को लेकर क्षेत्र के गांवों में बैठकों का दौर जारी है। बैठकों को संबोधित करते हुए संगठन के प्रदेश अध्यक्ष अजय अनमोल ने केंद्र व राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार की गलत नीतियों के कारण ही आलू किसान दिनों-दिन बर्बादी के कगार पर पहुंच रहे हैं। आलू किसानों को इस संकट से उबारने के लिए सरकार को तत्काल प्रभाव से ‘आलू नीति’ बनानी चाहिए।
प्रदेश अध्यक्ष ने चिंता जताते हुए कहा कि पिछले वर्षों की तुलना में इस समय कोल्ड स्टोरेज में भंडारित आलू की निकासी बेहद कम हुई है। यदि यही स्थिति रही तो आने वाले दिनों में कुल उपज का एक चौथाई हिस्सा फेंकने की नौबत आ सकती है। ऐसी संकटपूर्ण स्थिति में किसानों को राहत देने के लिए कोल्ड स्टोरेज का पूरा भंडारण शुल्क किसानों से न लेकर सीधे सरकार द्वारा चुकाया जाना चाहिए।
बैठक में मौजूद प्रदेश प्रभारी अशोक कटियार ने वैकल्पिक समाधान रखते हुए कहा कि सरकार गौशालाओं में 1200 रुपये प्रति क्विंटल भूसा खरीदकर दे रही है, जबकि इसकी जगह दो से तीन रुपये किलो बिक रहे आलू को गौशालाओं में चारे के रूप में खिलाया जाना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने मांग की कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत प्रति राशन कार्ड कम से कम एक पैकेट आलू का वितरण अनिवार्य किया जाए, जिससे किसानों को खपत का उचित साधन मिले।
कमालगंज क्षेत्र के नौधापुर, नगला दलू, पकरिया, कंतला, कुंदन गनेशपुर, रानू खेड़ा, नगला उदी आदि गांवों में सघन जनसंपर्क कर किसानों को 7 सितंबर के प्रदर्शन में पहुंचने का आह्वान किया गया।
इन बैठकों में व्यापार मंडल अध्यक्ष रामलड़ैते राजपूत, पूर्व प्रधान अनिल कुमार दीक्षित, राजेंद्र सिंह पाल, मंडल उपाध्यक्ष अरविंद राजपूत, प्रवीन पाल, सुरेश चंद्र पाल, डॉ. महिपाल सिंह लोधी, आढ़ती लक्ष्मी नारायण वर्मा सहित बड़ी संख्या में स्थानीय किसान व कार्यकर्ता मौजूद रहे।
