प्रयागराज/फर्रुखाबाद, समृद्धि न्यूज। प्रयागराज में माघ मेला 2026 का शुभारंभ पौष पूर्णिमा स्नान से हुआ। 15 फरवरी महाशिवरात्रि तक चलने वाले मेले में आज 25-30 लाख श्रद्धालुओं के स्नान का अनुमान है। सुरक्षा के लिए 10 हजार पुलिसकर्मी, ड्रोन, एआई कैमरे और जल पुलिस तैनात की गई है। माघ मेले को सात सेक्टरों में विभाजित किया गया है। महाकुंभ मॉडल पर आधारित टेंट सिटी की तर्ज पर मेला क्षेत्र का विकास किया गया है।
#WATCH | Prayagraj, UP | People take a holy dip at Triveni Sangam on the first day of Magh Mela 2026. pic.twitter.com/IOed0CRKEH
— ANI (@ANI) January 3, 2026
करीब 800 हेक्टेयर में फैले मेले में 126 किलोमीटर लंबे मार्ग चेकर्ड प्लेट से तैयार किए गए हैं। नावों पर एलईडी लाइट से सजी रंगीन छतरियां, संगम के जल में सात रंगों की रोशनी वाले फव्वारे और घाटों पर कलर-कोडेड चेंजिंग रूम रात के समय अद्भुत दृश्य प्रस्तुत कर रहे हैं। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के अनुमान को देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने देर रात से ही मोर्चा संभाल लिया था। वहीं, महाकुंभ के दौरान हुए हादसे से सबक लेते हुए इस बार मेला प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। पुलिस कमिश्नर जोगिंदर कुमार के मुताबिक, पूरे संगम क्षेत्र में चप्पे-चप्पे पर पैनी नजर रखी जा रही है। सुरक्षा के लिए नागरिक पुलिस के अलावा एसटीएफ, एसएसएफ और एटीएस को भी उतारा गया है। स्नान के दौरान किसी तरह का हादसा रोकने के लिए पानी में जल पुलिस की तैनाती की गई है। पौष पूर्णिमा से कल्पवासियों का व्रत आरंभ हो जाएगा। आचार्य चौक, दंडीवाड़ा, खाक चौक, तीर्थ पुरोहितों के शिविरों के साथ-साथ प्रमुख आध्यात्मिक संस्थाओं के शिविर पूरी तरह तैयार हैं।
#WATCH | Prayagraj, UP | Divisional Commissioner Saumya Agarwal says, "We talked to all the devotees who have come here and they told us that they are happy with the arrangements and they are conveniently offering prayers and doing 'snaan'… We have made all possible… https://t.co/AYQx0V1IS0 pic.twitter.com/2Ws4NnwSBH
— ANI (@ANI) January 3, 2026
फर्रुखाबाद: पांचाल घाट पर श्रद्धालुओं ने लगायी आस्था की डुबी
फर्रुखाबाद। पौष पूर्णिमा पर फर्रुखाबाद पांचाल घाट पर पौष पूर्णिमा स्नान से हुआ है। संतों की शंख ध्वनि व संत संगत से धर्म नगरी झूम उठी। अपरा काशी का पांचाल घाट रंग-बिरंगी झालरों और फूलों से सज गया। सनातन संस्कृति की सतरंगी छटा भी दमक उठी। हर साल मेला श्रीरामनगरिया लगता है, जो मिनी कुंभ कहलाता है और पौष पूर्णिमा के दिन गंगा तट (पांचाल घाट) पर स्नान के साथ शुरू होता है, जहाँ हजारों श्रद्धालु, साधु-संत और कल्पवासी एक महीने तक तपस्या और दान-पुण्य करते हैं। इस दिन गंगा में डुबकी लगाने, दीपदान करने और अन्न-वस्त्र दान करने से पुण्य मिलता है, और यह माघ मेले के स्नान पर्व की शुरुआत भी होती है। श्रद्धालु स्नान और कल्पवास करते है। पौष पूर्णिमा से कल्पवासी (तंबू लगाकर रहने वाले श्रद्धालु) गंगा तट पर अपना एक महीने का कल्पवास शुरू करते हैं। मेला श्रीराम नगरिया धर्म और अध्यात्म का बड़ा केंद्र होता है। शाम होते ही माघ मेला रामनगरिया सतरंगी रोशनी से नहाई तो आस्था और धर्म की नगरी मानों अपनी ही आभा और सौंदर्य में इतराने लगी। शाम को गंगा मैया की आरती होगी और गंगा के तट पर हजारों दीये जलाए जायेंगे। जिससे अद्भुत दृश्य बनेगा। मेला श्रीराम नगरिया में देश के कोने-कोने से साधु-संत और अखाड़े इस मेले में शामिल होते हैं। मान्यता है कि पौष पूर्णिमा पर गंगा स्नान से जन्म-जन्मांतर के पाप धुलते हैं और मन शुद्ध होता है। यह दिन प्रयागराज में होने वाले महाकुंभ मेले के पहले स्नान पर्व से भी जुड़ा होता है, जिससे इसका महत्व और बढ़ जाता है।
मेला श्रीराम नगरिया का डीएम करेंगे उद्घाटन
वहीं मेला रामनगरिया का उद्घाटन जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी दोपहर 1:30 बजे करेंगे। व्यवस्थाओं को लेकर मेला प्रशासन तैयारियों में लगा रहा। प्रशासनिक पांडाल व मुख्य गेट को सतरंगी रंग-बिरंगी झालरों, फूलों व भगवा वस्त्रों से सजाया गया। पौष पूर्णिमा पर पुण्य की डुबकी के साथ कल्पवास शुरू हो जाएगा। तंबुओं में बसे माघ मेला रामनगरिया में चारों ओर श्रद्धाएभक्ति व अध्यात्म की खुशबू वातावरण सुगंधित कर रही। पूर्णिमा स्नान को श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरू हो गया है।
21 हजार दीप जलाये जायेंगे
उद्घाटन बेला में सायंकाल होने वाली मां गंगा की महा आरती के स्थल को समतल कराया गया। गहरे पानी से कल्पवासियों की सुरक्षा को बल्ली लगाकर बैरिकेडिंग की गई। उद्घाटन के बेला को अद्भुत बनाने के लिए तट को गेंदा के फूलों से सजाया जा रहा। 21 हजार दीप जगमग होकर अमृतमयी मां देव सरिता मां गंगा की आभा में चार चांद लगाएंगे। बनारस की तर्ज पर प्रमुख आचार्यों द्वारा मां गंगा की वैभवपूर्ण आरती की जाएगी।
