दिल्ली में फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास रातभर चला बुलडोजर

नई दिल्ली: दिल्ली के तुर्कमान गेट स्थित फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास से अवैध अतिक्रमण को देर रात बुलडोजरों से हटाया गया। यह कार्रवाई दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश पर हुई। अतिक्रमण हटाते समय एमसीडी कर्मचारियों और पुलिस पर पथराव किया गया, जिसके बाद आंसू गैस के गोले दागे गए।

आधी रात में ही बुलडोजर के जरिए मस्जिद के अवैध निर्माण को गिराया गया। जिस जगह मस्जिद बनी हुई है, वह सेंसेटिव इलाका है। इसे ध्यान में रखते हुए रूट डायवर्जन को लेकर दिल्ली ट्रैेिेफक पुलिस की ओर से एडवाइजरी जारी की गई है। अवैध निर्माण गिराने को लेकर दिल्ली पुलिस ने फैज-ए-इलाही मस्जिद के आस-पास पूरे इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया है। कई जिलों की पुलिस फोर्स और पैरामिल्ट्री फोर्स को भी तैनात किया गया है।

ड्रोन कैमरे से आस-पास के इलाके पर नजर रखी जा रही है। सोशल मीडिया पर किसी तरह की भ्रामक खबरें कोई भी शख्स ना फैलाए, इसे ध्यान में रखते हुए दिल्ली पुलिस ने साइबर एक्सपर्ट की स्पेशल टीम गठित की है। इसके अलावा, एंटी सोशल एलिमेंट्स दिल्ली की कानून व्यवस्था न बिगाड़ पाए, इसे ध्यान में रखते हुए भी मैन्युअल इंटेलिजेंस के जरिए नजर रखी जा रही है। वहीं सेंट्रल रेंज के संयुक्त पुलिस आयुक्त मधुर वर्मा ने बताया कि दिल्ली उच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुसार, एमसीडी ने 7 जनवरी 2025 की तडक़े दिल्ली के रामलीला मैदान के पास तुर्कमान गेट स्थित फैज-ए-इलाही मस्जिद के निकट अतिक्रमित क्षेत्र में अतिक्रमण हटाया।

इस कार्रवाई के दौरान, कुछ उपद्रवियों ने पत्थरबाजी करके अशांति फैलाने का प्रयास किया। संयमित और न्यूनतम बल प्रयोग से स्थिति को तुरंत नियंत्रण में लाया गया और बिना किसी तनाव के सामान्य स्थिति बहाल की गई। वहीं डीसीपी निधिन वलसन ने बताया कि कार्रवाई अभी जारी है। एमसीडी तोडफोड़ कर रही है। हमने सुरक्षा के लिए अपने कर्मचारियों को तैनात किया है। कार्रवाई रात करीब 1 बजे शुरू हुई। एमसीडी ने उच्च न्यायालय के आदेशानुसार अतिक्रमित भूमि पर तोडफ़ोड़ की। रात में पुलिस पर पत्थर फेंके गए। हमने उन्हें रोकने के लिए न्यूनतम बल का प्रयोग किया। इसके अलावा, पूरी प्रक्रिया सुचारू रूप से चली। चार से पांच अधिकारियों को मामूली चोटें आईं। सीसीटीवी फुटेज, ग्राउंड फुटेज और बॉडी कैमरा फुटेज मिलते ही हम उपद्रवियों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेंगे।

अधिकारियों का कहना है कि मस्जिद की दीवार को छुआ नहीं गया है, जो अतिक्रमण वाली जगह थी सिर्फ वहीं पर बुलडोजर चलाया गया है और बारात घर और डिस्पेंसरी को हटाया गया है, अभी भी 10 से 20 प्रतिशत कंस्ट्रक्शन बचा हुआ है, करीब 200 ट्रक मलबा है जिसको हटाने में चार दिन लगेंगे और एक बार फिर जो बचा हुआ कंस्ट्रक्शन है, उसको हटाने के लिए बुलडोजर चलाया जाएगा। तुर्कमान गेट के पास स्थित फैज-ए-इलाही मस्जिद कैंपस के अतिक्रमण को हाईकोर्ट के आदेश के बाद हटाया गया है। 6 जनवरी को ही दिल्ली हाईकोर्ट ने मस्जिद और कब्रिस्तान से सटी जमीन से अतिक्रमण हटाने के आदेश वाली याचिका पर नोटिस जारी किया था। याचिकाकर्ता समिति का कहना है कि यह जमीन वक्फ संपत्ति है और वह इसके लिए वक्फ बोर्ड को लीज किराया देती है, मस्जिद कमेटी इसे 100 साल पुराना ढांचा बता रही है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *