समृद्धि न्यूज। लश्कर ए तैयबा का दूसरे सबसे महत्वपूर्ण नेता सैफुल्लाह कसूरी ने एक बार फिर भारत को लेकर जहर उगला है। उसने पाकिस्तानी सेना से अपने आतंकी संगठन के संबंधों को स्वीकार किया है। पाकिस्तान अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा है। लंबे समय से आरोप लगाए जा रहे हैं कि पाकिस्तानी सेना और आतंकवादी संगठन के बीच गठजोड़ हैं। हाल ही में एक बड़ा खुलासा हुआ है जो बताता है कि कैसे पाकिस्तानी सेना आतंकवादियों को न्योता देकर बुलाती है। पहलगाम हमले के मास्टरमाइंड और लश्कर-ए-तैयबा के एक शीर्ष नेता ने पाकिस्तान सेना के साथ संगठन के खुले संबंध को स्वीकार किया है। हाफिज सईद के नेतृत्व वाले संगठन का डिप्टी चीफ और पहलगाम आतंकी हमले का मास्टरमाइंड सैफुल्लाह कसूरी ने कहा कि उसे नियमित रूप से पाकिस्तानी सेना की ओर से सैन्य कार्यक्रमों में शामिल होने के लिए बुलाया जाता है और सैनिकों के जनाजे की नमाज पढ़ाने के लिए भी आमंत्रित किया जाता है। साथ ही हैरानी की बात यह है कि सैफुल्लाह कसूरी ने ये बातें पाकिस्तान के एक स्कूल में आयोजित कार्यक्रम के दौरान बच्चों को संबोधित करते हुए कहीं। साथ ही सैफुल्लाह ने यह भी दावा किया कि उसकी मौजूदगी से भारत डरा हुआ है और उसने नई दिल्ली के खिलाफ भडक़ाऊ धमकियां दीं। खुफिया जानकारी से पता चला है कि पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में शुरू किए गए भारत के सटीक आतंकवाद-विरोधी अभियान, ऑपरेशन सिंदूर के छह महीने बादए जम्मू और कश्मीर को निशाना बनाकर पाकिस्तान समर्थित आतंकी गतिविधियों में खतरनाक वृद्धि हुई है। रिपोर्ट में संकेत दिया गया था कि लश्कर-ए-तैयबा और एक अन्य पाकिस्तान समर्थित आतंकी समूह जैश-ए-मोहम्मद जेईएम हमलों की एक नई लहर के लिए लामबंद हो रहे हैं। कसूरी ने इससे पहले यह स्वीकार करते हुए कि भारत के ऑपरेशन सिंदूर ने पाकिस्तान में आतंकी ढांचे को नष्ट किया। दावा किया था कि आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाकर भारत ने गलती की है। उसने कश्मीर पर संगठन के फोकस को खुले तौर पर दोहराते हुए कहा कि यह समूह कश्मीर मिशन से कभी पीछे नहीं हटेगा। एक वीडियो में कसूरी को यह कहते हुए सुना गया, ऑपरेशन सिंदूर में सिर्फ आतंकी ठिकानों को निशाना बनाकर भारत ने बड़ी गलती की।
लश्कर ए तैयबा के आतंकी सैफुल्लाह कसूरी ने फिर उगला जहर
